लुधियाना में AAP के मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के बाद अब हलका सेंट्रल से विधायक अशोक पराशर पप्पी भी विवादों में घिर गए हैं। विधायक के कथित पीए और दफ्तर इंचार्ज रहे निखिल सभरवाल ने आज शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से मुलाकात की और दोनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। मजीठिया आज जमकर विधायक अशोक पराशर पप्पी पर भड़के। मजीठिया ने आम आदमी पार्टी को बिजनेल मॉडल बताया। निखिल ने विधायक पराशर के खिलाफ सभी सबूत मजीठिया को दिए। पराशर के दफ्तर की कई तस्वीरें, विधायक और उसके परिवार के साथ उसकी तस्वीरें और विदेश से आए पैसों की स्टेंटमेंट भी सार्वजनिक की। दरअसल, विधायक पराशर के तथाकथित पीए निखिल सभरवाल पर लोगों के साथ ठगी करने के आरोप है। निखिल पर सरकारी विभागों में नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे लेने का मामला दर्ज हुआ है। 2 दिन पहले निखिल ने वीडियो जारी कर विधायक, उनके बेटे पर करोड़ों रुपए के लेनदेन और अवैध वसूली के आरोप लगाए थे। निखिल ने वीडियो में खुद को विधायक कार्यालय का इंचार्ज बताते हुए अपना आईडी कार्ड भी दिखाया था। उसने दावा किया कि डीसी रेट पर भर्ती करवाने के लिए प्रति व्यक्ति एक लाख रुपए लिए जाते थे और उसने 100 से ज्यादा लोगों से पैसे लेकर विधायक तक पहुंचाए। हालांकि बाद में भर्तियां नहीं हुईं और मामला बिगड़ने पर उसे नौकरी से निकाल दिया गया। लोगों के खाते इस्तेमाल करके पैसे इक्ट्ठे कर रहे आप नेता मजीठिया ने कहा कि विधायक अशोक पराशर ने करोड़ों रुपए निखिल के जरिए इक्ट्ठे किए है। अब जब लोग पैसे मांगने लगे तो उसने निखिल पर पर्चा दर्ज करवा दिया। इसी तरह कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने किया। संजीव अरोड़ा हैदर नाम के व्यक्ति के खाते का इस्तेमाल करके करोड़ों रुपए की हेरफेर की। यही बस नहीं 24 अप्रैल 2024 को नगर निगम के बिल्डिंग इस्पेक्टर ने निखिल के खाते में 30 लाख रुपए डाल दिए। एक दिन में 30 लाख रुपए ट्रांसफर करना बड़ी बात है। मजीठिया ने कहा कि 39 कलर्क और 87 डी.सी रेट में कर्मचारी रखने का झासा दिया है जिनकी सूची भी उनके पास है। मजीठिया ने विधायक पराशर के साथ निखिल की कई तस्वीरें भी सार्वजनिक की। किस हैसियत से इंस्पेक्टर ने निखिल के खाते में डाले 30 लाख-मजीठिया मजीठिया ने कहा कि निखिल की क्या पहचान है जो उसे 30 लाख रुपए इंस्पेक्टर डाल रहा है। वह तभी डाल रहा है क्योंकि वह विधायक पप्पी पराशर का खास है। पप्पी की पहचान है तभी पैसे निखिल के खाते में डले है। इंस्पेक्टर ने जो 30 लाख निखिल के खाते में डाला है उसमें से अगले दिन ही 15 लाख रुपए पप्पी पराशर के खाते में पड़ जाता है। 99 हजार उसी दिन उनके बेटे के खाते में डलवाया जाता है। बकाया जो 14 लाख रुपए थे वह कैश निकलवा कर उसने पप्पी को दिए। इतने सबूत होने के बावजूद विजिलेंस ने पराशर को नहीं पकड़ा। मजीठिया ने कहा कि जब जब इस निगम के इंस्पेक्टर की बदली हुई है उसे पप्पी ने रुकवाया है। मजीठिया ने कहा निखिल के साथ मारपीट हुई है और उसका मोबाइल तक छीन लिया गया है। इस मामले में ईडी की कार्रवाई होनी लाजमी चाहिए। अब क्या मुख्यमंत्री इन पर कार्रवाई करवाएंगे। विधायक का दफ्तर का इंचार्ज था: निखिल ने कहा कि जब अशोक पराशर पप्पी हल्का सेंट्रल से विधायक बने तब से वह उनके दफ्तर का इंचार्ज था। वह सुबह दफ्तर खोलता था और रात को 10 बजे तक रुकता था। निखिल ने आई.डी कार्ड भी मजीठिया और वीडियो में दिखाए, जिसमें वह विधायक के दफ्तर के इंचार्ज के पद पर लिखा था। डीसी रेट पर भर्ती के लिए 1 लाख फीस: निखिल ने कहा कि विधायक पप्पी द्वारा डीसी रेट पर भर्ती के लिए एक लाख रुपए फीस रखी थी। जिसके चलते उसने एक लाख रुपए प्रति व्यक्ति लेकर कई भर्तियां करवाई। जिसके चलते निखिल ने भी 100 से ज्यादा लोगों से पैसे लेकर विधायक को दिए। लेकिन उनकी भर्तियां नहीं हुई। जिसके चलते वह लोग विधायक के ऑफिस आने लगे। मेरे खुद के रिश्तेदारों के पैसे भी इनके पास फंसे है। 2 साल पहले नौकरी से निकाला: निखिल ने कहा कि खुद को फंसते हुए देख विधायक ने उसे 2 साल पहले नौकरी से निकाल दिया और एसीपी सेंट्रल से कहकर मेरे पर अब पर्चा दर्ज करवा दिया। विधायक ने इस गेम का सारा आरोप मेरे सिर पर लगा दिया। निखिल ने कहा कि आज मुझे मजबूरन वीडियो बनानी पड़ी। विधायक पराशर ने मुझे धमकी दी की अब इस केस का शोर मच रहा है शहर छोड़ कर चले जाओ। यदि कही मेरे नाम का इस्तेमाल किया तो तेरे घर के 2-3 लोग मारने में मुझे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।