प्रदेश में एसआईआर के तहत काटे गए 41.85 लाख वोटरों का असर पंचायत चुनाव की मतदाता सूची पर नहीं पड़ेगा। क्योंकि पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट अलग बनाई जा रही है और इसका आधार 7 जनवरी 2025 की मतदाता सूची है। इस डेटाबेस में प्रदेश के मतदाताओं की संख्या 5.45 करोड़ थी। एसआईआर में 2002 की वोटर लिस्ट के आधार पर मैपिंग में करीब 41.85 लाख नाम काटे जा चुके हैं। अब प्रदेश में वोटरों की संख्या 5.04 करोड़ हो गई है। ऐसे में काटे गए मतदाताओं को भी पंचायत चुनाव में वोटिंग का मौका मिलेगा। पंचायत चुनावों के तहत वोटर लिस्ट प्रारूप का प्रकाशन 29 जनवरी को होगा और 15 फरवरी को फाइनल वोटर लिस्ट जारी होनी है। गौरतलब है कि प्रदेश में 3443 ग्राम पंचायतें नई बनी हैं। ऐसे में 14,600 पंचायतें, 437 पंचायत समितियों और 41 जिला परिषदों में चुनाव होंगे। भास्कर इनसाइट – तीन प्रकार की वोटर लिस्ट बनाई जाएगी ग्राम पंचायत के प्रत्येक वार्ड की मतदाता सूची, पंचायत समिति के निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची और जिला परिषद के प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची बनेगी। इसका तात्पर्य यह है कि पंचायत समिति और जिला परिषद के निर्वाचन क्षेत्र में ग्राम पंचायत के जो वार्ड आते हैं, उन सभी ग्राम पंचायतों के वार्डों की मतदाता सूची को संकलित कर संबंधित निर्वाचन क्षेत्र की सूची तैयार की जाएगी। ऐसे में पंचायत समिति और जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अलग से सूचियों की तैयारी की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, उक्त मतदाता सूचियों का प्रकाशन अलग-अलग किया जाना है। किस कैटेगरी में कितने नाम कटे एसआईआर में कटौती के बाद प्रदेश में 5.04 करोड़ वोटर बचे हैं। इनमें 11 लाख को दस्तावेज दिखाने हैं। इस दौरान 41.85 लाख नाम कटे हैं। दो या अधिक जगह वोटर 3.44 लाख : 0.63% मृतकों के नाम हटे 8.75 लाख : 1.16% शिफ्ट या अनुपस्थित 29.6 लाख : 5.43% “नियमानुसार एसआईआर की वोटर लिस्ट की तुलना में हमारी वोटर लिस्ट अलग रहेगी। हमारी भी वोटर लिस्ट का प्रारूप जारी होगा। आपत्तियां ली जाएंगी। हमारा आधार जनवरी 2025 की मतदाता सूची है, ऐसे में उसी को आधार मानकर वोटर लिस्ट तैयार होगी। जनवरी में 18 वर्ष के होने वाले युवाओं को वोट डालने का मौका मिलेगा।” -राजेश वर्मा, सचिव, राज्य निर्वाचन आयोग