स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेश और मेंटरिंग देने वाला राजस्थान डिजीफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026 का रविवार को आगाज हो गया। तीन दिन के इस आयोजन में 1,200 से ज्यादा वैश्विक कंपनियों के फाउंडर, सीईओ और निवेशक, 20 से अधिक यूनिकॉर्न और सूनिकॉर्न स्टार्टअप्स के संस्थापक शामिल हो रहे हैं। समिट के आगाज की अधिकृत घोषणा आईटी मिनिस्टर कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने की। जयपुर के जेईसीसी में हो रही समिट के उद्घाटन सत्र में कई कंपनियों और समूहों से एमओयू भी किए गए। कर्नल राज्यवर्धन ने देश-दुनिया से आए उद्यमियों का राजस्थान में स्वागत करते हुए कहा कि दुनिया के कई देशों को मिलाकर अलग-अलग जितनी अपॉर्च्युनिटी मिलती है, उससे ज्यादा अकेले राजस्थान में आप प्राप्त कर सकते हैं। राठौड़ ने कहा कि राजस्थान एग्रीटेक, मेडिटेक, प्रॉपटेक और फिन-टेक में एक प्रौद्योगिकी-संचालित इकोसिस्टम का निर्माण कर रहा है। प्रचुर संसाधन, सक्रिय सरकारी समर्थन और मेहनती व प्रतिभाशाली युवा भी यहां हैं। इन सब समूहों के साथ मुख्यमंत्री की ओर से मैं आपको यहां आने के लिए आमंत्रित करता हूं। हमारा राजस्थान एक परिवर्तनकारी भविष्य के लिए एकदम सही उचित स्थान है। यहां इकट्ठा हुए निवेशकों के पास हर पिच को ध्यान से सुनने और इन स्टार्टअप्स के साथ सार्थक रूप से जुड़ने का एक अनूठा अवसर है। यदि आप साथ आएं तो हम मिलकर विचारों को प्रभाव में बदल सकते हैं और इनोवेशन को स्थायी विकास में बदल सकते हैं। स्टार्टअप से 42000 नौकरियां पैदा हुईं आईटी सचिव डॉ. रवि कुमार सुरपुर ने कहा कि निरंतर निवेश, मजबूत ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म, साइबर सुरक्षा और उभरती तकनीक ने सार्थक अवसर पैदा किए हैं। राजस्थान के स्टार्टअप इकोसिस्टम ने 7,300 से अधिक स्टार्टअप्स को सुविधा दी है, जिसमें 1,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश हुआ और राज्य में 42,000 नौकरियां पैदा हुई हैं। समिट के संयोजक महावीर प्रताप शर्मा और टाई अध्यक्ष डॉ. मुरली बुक्कापटनम ने भी समिट को संबोधित किया। एनवीडिया के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट शंकर त्रिवेदी, ने कहा, AI भारत के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और कई क्षेत्रों को बदलने का एक शक्तिशाली अवसर प्रस्तुत करता है, जबकि उद्यमियों को पहले भारत के लिए और फिर दुनिया के लिए निर्माण करने में सक्षम बनाता है। आयुक्त हिमांशु गुप्ता ने आभार जताया।

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