शहर के नजदीकी ऐतिहासिक गांव जलाल स्थित विवेक आश्रम में स्वामी ब्रह्म मुनि जी जलाल की अगुवाई तथा बाबा गंगा राम जी आचार्य के प्रयासों से ब्रह्म ज्ञानी संत बाबा करनैल दास जी की सालाना बरसी बड़े श्रद्धा-भाव से मनाई गई। समारोह की शुरुआत विवेक आश्रम के मुखी स्वामी ब्रह्म मुनि शास्त्री जी द्वारा पहुंची हुई संगत का स्वागत करने के साथ हुई। इस मौके पर स्वामी ब्रह्म देव जी ने बाबा करनैल जी के जीवन, उपदेशों और सेवा कार्यों पर विस्तृत प्रकाश डाला। वहीं राजस्थान से आए अनंता नंद जी ने गुरु महिमा पर अपने विचार प्रस्तुत किए। समागम के दौरान मंच संचालन की जिम्मेदारी बाबा लाल दास जी (राजस्थान) ने बखूबी निभाई। बाबा गंगा राम जी ने समागम में पहुंचे सभी संत-महात्माओं एवं संगत का विशेष धन्यवाद किया। इस अवसर पर निजा नंद (राजस्थान), ऋषि राम (जैतो), सरबानंद (हरिद्वार), मोहन दास (बगराड़ी), कल्याण देव (गिदड़बाहा), साधू राम (खाई), भजन दास (धूरकोट), करतार दास (चंद बाजा), बसंत मुनि (लहरां बेगा), परमहंस दास (बठिंडा), सुखदेव मुनि (कल्याण), मेवा दास (गंगानगर), राम नरायण (मोड़ मंडी), बाबा सेवक सिंह (माणूके), नाथ जी (पत्तों), बाबा भीमा, कृपाल दास (जैतों), सिकंदर दास जी (लंगियाना) सहित अनेक संत-महात्मा उपस्थित रहे। अंत में गुरु का लंगर अटूट रूप से वितरित किया गया, जिसमें संगत ने श्रद्धा के साथ प्रसाद ग्रहण किया।