उदयपुर नगर निगम चुनाव के लिए नामांकन खत्म हो चुका है। नामांकन के बाद बीजेपी ने 80 वार्डों के अपने पार्षद उम्मीदवारों की घोषणा की। वहीं, कांग्रेस एक दिन पहले 30 अगस्त को लिस्ट जारी कर चुकी थी। लेकिन सोमवार को एक प्रत्याशी बदल दिया। गुलाबचंद कटारिया के दामाद के भाई अतुल चंडालिया और आकाश वागरेचा ने नामांकन दाखिल किया। अतुल ने वार्ड 76 और आकाश वागरेचा ने वार्ड 5 से पर्चा भरा है। अतुल पहले पार्षद रह चुके हैं। वे भाजपा शहर अध्यक्ष के भी दावेदार थे। अब मेयर के दावेदार हैं। आकाश वागरेचा लंबे समय से वल्लभनगर विधानसभा से टिकट मांग रहे थे। पूर्व मंत्री गिरिजा के भाई की बहू को फिर मौका पूर्व केंद्रीय मंत्री गिरिजा व्यास के भाई की बहू डॉ. हितांशी शर्मा ने कांग्रेस से नामांकन भरा। हितांशी पहले पार्षद रह चुकी हैं। नामांकन के दौरान ससुर गोपाल शर्मा भी मौजूद रहे। गोपाल शर्मा उदयपुर शहर कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं। हितांशी को वार्ड 73 से लड़ाया जा रहा है। यह वार्ड उनके पीहर के इलाके में है। हितांशी के पिता के.के. शर्मा भी पहले पार्षद रह चुके है। कांग्रेस से बागी माली मैदान में कांग्रेस की सूची में टिकट नहीं मिलने पर देवेंद्र माली नाराज हो गए। उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया। वार्ड 54 से नामांकन भरा है। इस वार्ड में कांग्रेस ने युवा चेहरे के रूप में अमित श्रीवास्तव पर दांव खेला है। कांग्रेस ने एक प्रत्याशी बदला कांग्रेस ने सोमवार को अपने एक प्रत्याशी का नाम बदल दिया। वार्ड नंबर 55 से आशा सैनी के बजाय जैसिका राव को उतारा है। 23 साल की जैसिका सबसे कम उम्र की प्रत्याशी है। दरअसल, प्रमाण पत्र को लेकर कोई दिक्कत होने पर पार्टी ने उम्मीदवार बदला। देखिए, नामांकन की PHOTOS भाजपा-कांग्रेस में मेयर के दावेदार भाजपा ने पूर्व पार्षदों को उतारा कांग्रेस ने इन पूर्व पार्षदों पर जताया भरोसा भाजपा-कांग्रेस ने पूर्व पार्षदों को नहीं दिया टिकट दोनों जिलाध्यक्ष ने जमा कराए उम्मीदवारों के सिबंल भाजपा और कांग्रेस ने इन मुस्लिम चेहरों को उतारा भाजपा ने 30 तो कांग्रेस ने 33 महिलाओं को टिकट दिए भाजपा जिलाध्यक्ष-सातवां भाजपा बोर्ड बनाने का लक्ष्य भाजपा शहर जिला अध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी नगर निगम उदयपुर में लगातार सातवां भाजपा बोर्ड बनाने के लक्ष्य के साथ चुनावी मैदान में उतरी है। भाजपा के प्रत्याशी केवल चुनाव लड़ने के लिए नहीं, बल्कि उदयपुर के विकास, सुशासन, स्वच्छता, बेहतर मूलभूत सुविधाओं और जनसेवा के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए मैदान में उतरे हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष-भाजपा का सूफड़ा साफ करेंगे उदयपुर शहर कांग्रेस के अध्यक्ष फतहसिंह राठौड़ ने बताया कि इस बार कांग्रेस अपना बोर्ड बनाते हुए भाजपा का उदयपुर नगर निगम से सूफड़ा साफ करेंगे। राठौड़ ने कहा कि हमारे उम्मीदवार, कार्यकर्ताओं में इस बार बदलाव को लेकर जोश है, यहीं नहीं जनता भी अब उदयपुर में बदलाव चाहती है। उन्होंने कहा कि उदयपुर के कई मुद्दे है, जिस पर अब जनता जवाब देगी। पूर्व पार्षद विप्लवी नाराज पूर्व विधायक धर्मनारायण जोशी के करीबी भाजपा के पूर्व पार्षद डॉ. विजय विप्लवी ने नगर निगम चुनाव में टिकट नहीं मिलने को लेकर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति के प्रभाव के चलते 2009, 2014, 2019 और अब 2026 में लगातार उन्हें टिकट से वंचित करने के प्रयास हुए हैं। उन्होंने कहा कि 2006 से संगठन में कोई पद नहीं होने के बावजूद उनकी भाजपा के प्रति निष्ठा कायम है। भाजपा के इन दिग्ग्जों ने किया नामांकन बीजेपी में वरिष्ठ नेता पारस सिंघवी, अतुल चंडालिया, दिनेश भट्ट, महेन्द्र सिंह शेखावत समेत कई दिग्गत नेता नामाकंन-पत्र दाखिल करने पहुंच रहे हैं। कांग्रेस से जिलाध्यक्ष फतेहसिंह की पत्नी पूनम कुंवर, शंकर चंदेल, अरूण टांक, लक्ष्मीनारायण मेघवाल समेत कई भी नामाकंन पत्र भरेंगे। ये भी पढ़ें… उदयपुर नगर निगम के 80 वार्डों का पूरा एरिया देखने के लिए यहां क्लिक करें… उदयपुर के सभी 80 वार्डों में कांग्रेस प्रत्याशियों की सूची यहां देखें…
