दौसा में दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे पर 1 जुलाई को हुए भीषण सड़क हादसे के बाद सरकार ने हाइवे पर सेफ्टी के लिए नए नियम तय करने की तैयारी है। इसके तहत अब एक्सप्रेस-वे पर बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) के बजाए एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) वाली एम्बुलेंस तैनात होगी। जो पूरी तरह NHAI की तरफ से मेंटेन होगी। इसके साथ ही निर्धारित दूरी पर फायर बिग्रेड की गाड़ियां भी तैनात की जाएगी, ताकि दुर्घटना आगजनी की घटना होने पर तुरंत बचाव के लिए टीम भेजी जा सके। दरअसल, दौसा के हादसे में 8 लोगों की मौत के बाद मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने इस पूरे मामले की जांच करने, भविष्य में दुर्घटनाओं को कम करने और राहत-बचाव की टीम जल्द से जल्द घटना स्थल पर पहुंचे, इस पर सुझाव मांगने के लिए एक कमेटी बनाई थी। परिवहन विभाग के अपर परिवहन आयुक्त की अध्यक्षता में बनी इस कमेटी ने एक्सीडेंट वाली जगह का जायजा लिया। रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें ये सुझाव दिए। 50 फीसदी एम्बुलेंस नहीं हो रही शो कमेटी ने रिपोर्ट में बताया- प्रदेशभर में नेशनल हाइवे पर एनएचएआई की तरफ से 1033 एम्बुलेंस तैनात कर रखी है, जो सभी BLS सपोर्ट की है। लेकिन इनमें से केवल 50 फीसदी ही एम्बुलेंस 108 सर्विस डेशबोर्ड पर दिखाई देती है। रिपोर्ट में बताया- एक्सीडेंट होने के बाद आमजन सबसे पहले 108 पर ही कॉल करते हैं। 108 पर आई कॉल में घटनास्थल के सबसे नजदीक जो एम्बुलेंस होती है, उसे ही पहले भेजा जाता है। ऐसे में कमेटी ने सभी एम्बुलेंस को BLS की जगह ALS सपोर्ट वाली तैनात करने। सभी एम्बुलेंस को 108 डेशबोर्ड पर रिफ्लेक्ट करने और इन एम्बुलेंस के साथ इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (EMT) उपलब्ध करवाने का सुझाव दिया। ये सभी एम्बुलेंस और EMT एनएचएआई की तरफ से नियुक्त किए जाएं। आगे पढ़िए BLS और ALS में क्या है अंतर फायर बिग्रेड की गाड़ियां हो नियुक्त रिपोर्ट में बताया- एक्सप्रेस-वे पर निर्धारित दूरी पर (हर रेस्ट एरिया पर) फायर बिग्रेड की गाड़ियां तैनात की जाएगी। ये फायर बिग्रेड सरकार द्वारा तैनात की जाएगी और इनका रखरखाव NHAI की तरफ से किया जाएगा। ताकि दुर्घटना होने पर अगर कोई आगजनी की घटना होती है तो तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके। इसके अलावा NHAI की तरफ से रेस्ट एरिया पर ही छोटी-बड़ी क्रेन, वेल्डिंग मशीन, कटिंग मशीन और इनके ऑपरेटर भी स्थायी रूप से नियुक्त किए जाएंगे। ये भी पढ़ें… जहां बस जली वहां से 3KM-दूर ट्रॉमा-सेंटर ताले में बंद:3 साल से उद्घाटन ही नहीं हो पाया, हादसे में 8 लोगों की हुई थी मौत दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर बुधवार को हुए हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई थी। जिस जगह हादसा हुआ वहां से 3 किमी दूर NHAI का डेवलप किया ट्रॉमा सेंटर है। इसके चलते एम्बुलेंस समय पर आ गई थी, लेकिन ये ट्रॉमा सेंटर ताले में बंद है। (पूरी खबर पढ़ें) 4 दावों में फेल एक्सप्रेसवे पर जयपुर-दिल्ली का सफर:जगह-जगह ढाबे खुले, गड्ढे भी; 120 की रफ्तार वाली गाड़ियों से जानवरों की मौतें एक साल पहले 2 जुलाई 2025 को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने जयपुर-दौसा-बांदीकुई ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे शुरू किया था। (पढ़ें पूरी खबर) राजस्थान में बस-ट्रेलर भिड़े, 8 मौतें:DNA टेस्ट से पहचान होगी, आग में फंसे थे 40 पैसेंजर्स; दावा- डिक्की में सिगरेट बॉक्स भरे थे राजस्थान के दौसा जिले में मंगलवार देर रात बस-ट्रेलर की भिड़ंत हो गई। एक्सीडेंट में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इनमें 6 लोगों की मौत आग में झुलसने से और 2 की सिर पर चोट लगने के कारण हुई है। (पूरी खबर पढ़िए)
