अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी विष्णु जाट से सीन रिक्रिएट करवाया है। इस दौरान आरोपी ने बताया- मैं अपराधियों के बीच अपना दबदबा बनाना चाहता था, इसलिए हत्या का प्लान बनाया। इसके लिए पहले सीसीटीवी कैमरे पर टूथपेस्ट लगाया और फिर तौलिए से जगन गुर्जर का गला घोंटकर उसके ऊपर बैठ गया, जिसके कारण जगन को संभलने का मौका ही नहीं मिला। वहीं, पुलिस सूत्रों के अनुसार, रिमांड के दौरान विष्णु का रवैया बदला हुआ था। उसने पुलिसकर्मियों से कहा- जेल में मेरी जान को खतरा है। डर है कि किसी गैंग के सदस्य बदला ले सकते हैं। इसी आशंका को देखते हुए जेल प्रशासन ने उसका ब्लॉक और वार्ड बदल दिया है। दरअसल, सिविल लाइन थाना पुलिस ने शुक्रवार को विष्णु जाट को 1 दिन के लिए प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया लिया। पूछताछ में उसने हत्या की पूरी कहानी बताई। इसके बाद पुलिस उसे जेल लेकर पहुंची और सीन रिक्रिएट कराया। शनिवार को विष्णु का मेडिकल कराया गया और कोर्ट में पेश कर उसे वापस जेल (ज्यूडिशियल कस्टडी) भेज दिया गया। जेल प्रशासन ने विष्णु की सुरक्षा को देखते हुए उसे अलग सेल में रखा है। जगन के भाई पप्पू गुर्जर से भी दूर रखा गया है। सीसीटीवी कैमरे पर टूथपेस्ट लगाया, फिर तौलिए से गला घोंट दिया
सीन रिक्रिएशन के दौरान विष्णु ने पुलिस को बताया- मैंने पहले सेल में लगे सीसीटीवी कैमरे पर टूथपेस्ट लगाया, ताकि वारदात रिकॉर्ड नहीं हो सके। इसके बाद अपने माथे पर बंधा तौलिया उतारकर पीछे से जगन का गला घोंट दिया। पुलिस ने आरोपी से पूरी वारदात दोबारा करवाई, ताकि उसके बयान और घटनास्थल के सबूतों का मिलान किया जा सके। तीन दिन पहले कर लिया था हत्या का फैसला
पुलिस सूत्रों के अनुसार, विष्णु लगातार जगन गुर्जर की टिप्पणियों और जेल में अपनी कमजोर छवि से परेशान था। वह अपराधियों के बीच अपना दबदबा बनाना चाहता था। उसने तीन-चार दिन पहले ही तय कर लिया कि जगन की हत्या करेगा, ताकि जेल में उसकी अलग पहचान बन सके। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने पहले जेल में बंद अन्य गैंगस्टरों से भी भिड़ने की कोशिश की थी, लेकिन बाद में उसने जगन गुर्जर को ही निशाना बनाना सही समझा। क्या किसी ने हत्या के लिए उकसाया था?
विष्णु ने हत्या अकेले करने की बात कही है, लेकिन पुलिस इस पर ही जांच खत्म नहीं कर रही। अब उसी ब्लॉक में बंद अन्य हार्डकोर अपराधियों और गैंगस्टरों से पूछताछ की जाएगी। इसके लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया गया है। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि हत्या का फैसला पूरी तरह विष्णु का था या किसी गैंग अथवा अन्य बंदी ने उसे कसाया था। जेल के अंदर क्यों होती है वर्चस्व की लड़ाई?
अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल प्रदेश के सबसे संवेदनशील जेल में गिनी जाती है। यहां 88 हाई सिक्योरिटी सेल है, जिनमें करीब 264 हार्डकोर अपराधियों को रखा जा सकता है। यहां अलग-अलग गैंग से जुड़े अपराधी बंद हैं। ऐसे में हर नए बंदी की गैंग पृष्ठभूमि की जांच कर उसे विरोधी गैंग से अलग रखने की कोशिश की जाती है। इसके बावजूद जेल के भीतर दबदबा बनाने की होड़ खत्म नहीं होती। अपराध की दुनिया में बड़ा नाम बनाने, गैंग के भीतर अपनी हैसियत बढ़ाने और दूसरे अपराधियों पर मनोवैज्ञानिक बढ़त बनाने के लिए कई बार कैदी हिंसक वारदातों तक पहुंच जाते हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में जगन गुर्जर हत्याकांड भी इसी वर्चस्व की लड़ाई का नतीजा माना जा रहा है। जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने कहा कि जेल में हुए हत्याकांड के बाद विष्णु और जगन गुर्जर के भाई पप्पू की सेल को बदल दिया गया है। सभी अन्य बंदियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। भविष्य में ऐसी घटना नहीं हो इसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है। ये खबरें भी पढ़ें… तानों-वर्चस्व की जंग में हुई डकैत जगन गुर्जर हत्या:गैंग में दबदबा बनाने के लिए रची साजिश; जानिए 15 मिनट में कैसे हुआ मर्डर अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में 29 जून को हुई डकैत जगन गुर्जर की हत्या महज आवेश में आकर किया गया अपराध नहीं था, बल्कि जेल के भीतर वर्चस्व की लड़ाई और लगातार मिल रहे तानों का नतीजा है। (पूरी खबर पढ़ें) डकैत जगन गुर्जर की हत्या करने वाला विष्णु जाट गिरफ्तार, बोला- वह मुझसे कपड़े धुलवाता था, कमेंट भी करता था; झगड़े के कारण मार डाला अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी विष्णु सिंह जाट को शुक्रवार सुबह 10.30 बजे प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया। हथियारबंद जवान जेल से कड़ी सुरक्षा में उसे लेकर सिविल लाइन थाना पहुंचे। (पढ़ें पूरी खबर) जगन गुर्जर की 3 मिनट में थम गई थीं सांसें:सुसाइड दिखाने की कोशिश; 13 फीट ऊंचे पंखे पर मिला गमछा, CCTV पर टूथपेस्ट लगाया अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में 29 जून को हुए कुख्यात डकैत जगन गुर्जर हत्याकांड में रोज नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस और जेल प्रशासन की जांच में सामने आया है कि वारदात के बाद आरोपी विष्णु जाट ने हत्या को सुसाइड (आत्महत्या) का रूप देने की पूरी कोशिश की थी। (पढ़ें पूरी खबर)
