भरतपुर में 12वीं क्लास की छात्रा ने घर में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। घर में मौजूद बड़े भाई-बहन ने उसे कमरे से बाहर बुलाया, लेकिन काफी देर तक गेट नहीं खुला तो पड़ोस में रहने वाले चाचा को सूचना दी। मौके पर पहुंचे चाचा गेट तोड़कर कमरे में घुसे तो नाबालिग फंदे पर लटकी मिली। उसे लेकर हॉस्पिटल पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना शुक्रवार की दोपहर करीब एक बजे हुई। भाई, बहन के साथ घर पर थी नाबालिग पुलिस ने बताया- 17 साल की नाबालिग शुक्रवार को अपने बड़े भाई- बहन के साथ घर पर ही थी। माता-पिता रिश्तेदारी में एक कार्यक्रम में गए हुए थे। इस दौरान नाबालिग ने सुबह कमरे में जाकर पंखे से फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। नाबालिग के भाई और बहन ने उसका कमरा खुलवाने की कोशिश की तो कमरा भीतर से बंद मिला। बच्चों ने पड़ोस में रहने वाले चाचा को इसकी जानकारी दी। मौके पर पहुंचे चाचा ने गेट तोड़ा तो कमरे में नाबालिग फंदे से लटक रही थी। उन्होंने माता- पिता को जानकारी दी और उसे उतारकर हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद लड़की को मृत घोषित कर दिया। घर पर अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे परिजन
इसके बाद परिजन हॉस्पिटल से नाबालिग के शव को घर ले आए और अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे। हालांकि, हॉस्पिटल से मिली सूचना पर पुलिस मृतका के घर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए हॉस्पिटल ले आई। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। सीओ नीरज भारद्वाज ने बताया- परिवार ने नाबालिग के सुसाइड की मर्ग दर्ज करवाई है। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मृतका के पिता दुकानदार और मां गृहिणी है, जो घटना के समय रिश्तेदार के किसी कार्यक्रम में गए हुए थे। मृतका 12वीं क्लास की छात्रा थी।
