राजस्थान में तबादलों से बैन हटने के बाद मंत्रियों के सरकारी आवासों और सचिवालय में कर्मचारियों और उनके परिजनों की भीड़ नजर आ रही है। मुहर्रम की सरकारी छुट्टी के दिन भी मंत्रियों के आवासों पर तबादलों को लेकर भीड़ रही। सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर 1 बजे तक मंत्रियों के घरों पर बड़ी संख्या में लोग तबादलों की अर्जियां लेकर पहुंचे। सबसे ज्यादा भीड़ शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के आवास पर रही। इसके साथ ही उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, पशुपालन और डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत सहित अधिकतर मंत्रियों के यहां लोग तबादलों की अर्जियां लेकर पहुंचे। मंत्रियों ने भी लोगों से मिलकर तबादलों की अर्जियां लीं और उनकी समस्याएं सुनकर प्राथमिकता के आधार पर तबादला करने का आश्वासन दिया। दिव्यांग, एकल महिला और बीमार कार्मिकों को प्राथमिकता उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा और मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा- लंबे समय से कर्मचारियों की तबादलों से बैन हटाने की मांग थी, जिसे ध्यान में रखकर सरकार ने तबादलों से बैन हटाया है। हम तबादलों में दिव्यांग, एकल महिला, विधवा सहित लंबे समय से अपने घर से दूर रहने वाले कार्मिकों को प्राथमिकता दे रहे हैं। मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा-मेरे चारों विभागों के कार्मिक तबादलों को लेकर आ रहे हैं, जिनकी अर्जियों पर प्राथमिकता के आधार पर फैसला लिया जाएगा। वहीं, जो अन्य विभागों से संबंधित कर्मचारी आ रहे हैं, उनकी लिस्ट बनाकर संबंधित मंत्रियों को भेजकर उनसे आग्रह कर रहे हैं कि उन्हें उचित स्थान पर लगाया जाए।
5 जुलाई तक हो सकेंगे ट्रांसफर राजस्थान सरकार ने करीब 7 दिन पहले सरकारी कर्मचारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग से बैन हटा दिया था। यह रोक 5 जुलाई तक के लिए हटाई गई है। कार्मिकों की मांग को देखते हुए सरकार ने 16 दिन के लिए ट्रांसफर-पोस्टिंग पर लगे बैन को हटाया है। इन ट्रांसफर-पोस्टिंग में एकल महिला, विधवा, परित्यक्ता और गंभीर बीमार कर्मचारियों (कैंसर, दिमाग की बीमारी, हार्ट की बीमारी, फेफड़े और किडनी की बीमारी से ग्रसित) को प्राथमिकता दी जाएगी। यह आदेश सरकारी कर्मचारियों के अलावा निगमों, बोर्डों और स्वायत्तशासी संस्थाओं पर भी लागू है। हालांकि, सरकार ने थर्ड ग्रेड शिक्षकों और चिकित्सा विभाग में तबादलों से बैन नहीं हटाया है।
