कोटा में डॉक्टरों ने 53 साल की महिला के मस्तिष्क( दिमाग) से 100 ग्राम का ट्यूमर निकाला है। इस पूरी जांच और बेहद महंगे इलाज के लिए मरीज को एक भी पैसा खर्च नहीं करना पड़ा। महिला का यह इलाज मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के न्यूरोसर्जरी विभाग में किया गया है। डॉ. एस. एन. गौतम ने बताया- बारां जिले की रहने वाली रुकसाना पिछले करीब एक साल से लगातार सिरदर्द और चक्कर आने की गंभीर समस्या से जूझ रही थीं। रुकसाना ने कई जगह इलाज करवाया, लेकिन उन्हें कोई आराम नहीं मिला।
डॉ. एस. एन. गौतम ने बताया- 26 मई को अचानक उन्हें मिर्गी का दौरा पड़ा, जिसके बाद उन्हें बारां के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत कोटा रेफर कर दिया गया। मरीज को कोटा के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक हॉस्पिटल के न्यूरोसर्जरी विभाग में भर्ती किया गया। अस्पताल में डायग्नोस्टिक मशीनों से जब रुकसाना के मस्तिष्क की जांच की गई, तो डॉक्टर भी हैरान रह गए। उनके मस्तिष्क के ‘ओल्फैक्टरी ग्रूव’ क्षेत्र में एक बड़ा ट्यूमर था, जिसे मेडिकल भाषा में ‘ओल्फैक्टरी ग्रूव मेनिन्जियोमा’ कहा जाता है। जटिल ऑपरेशन और टीमवर्क की बड़ी जीत मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. एस. एन. गौतम के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। सभी जरूरी प्री-ऑपरेटिव जांचों के बाद सर्जरी का ब्लूप्रिंट तैयार हुआ। यह ऑपरेशन बेहद संवेदनशील था क्योंकि ट्यूमर दिमाग के बेहद नाजुक हिस्से में था। डॉक्टरों की टीम ने इस बेहद जटिल और उच्च-स्तरीय ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। सर्जरी के दौरान मरीज को 3 यूनिट रक्त भी चढ़ाया गया। सफल ऑपरेशन के बाद मरीज रुकसाना की स्थिति अब पूरी तरह स्थिर और संतोषजनक है। सालभर से परेशान कर रही सिरदर्द और चक्कर आने की समस्या अब पूरी तरह ठीक हो चुकी है।
