पाली में जमीन विवाद को लेकर दो परिवारों के बीच झगड़ा हो गया। पिछले सात दिनों से चल रहा ये विवाद सोमवार को इतना बढ़ गया कि लाठी और डंडे से एक-दूसरे पर हमला कर दिया। मामल शहर के कोतवाली थाना इलाके के सुभाष नगर बी में सुबह 8 बजे का है। इस दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जमकर पत्थरबाजी की। इसके साथ ही गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए। हमले में तीन लोग घायल हो गए। तस्वीरों में देखें कैसे लाठियों और पत्थरों से किया हमला… सात दिन से चल रहा था विवाद, सुबह अचानक किया हमला इस हमले में 42 साल के श्रवण समेत उसके दो भाई जगदीश (45) और दिनेश (40) गंभीर घायल हो गए। घायल दिनेश की पत्नी लक्ष्मी देवी ने बताया कि सुभाष नगर बी में ही उनके जेठ के चचेरे भाइयों का परिवार रहता है। इनकी नजर उनके प्लॉट पर है। वे कई बार हमारे प्लाॅट में अपना हिस्सा मांग रहे थे और इसी को लेकर विवाद चल रहा था। रविवार को भी इन लोगों से कहासुनी हुई थी और उसके जेठ श्रवण पर हमला किया था। लक्ष्मी ने बताया कि सोमवार को ये लोग घर में बैठे हुए थे। इसी दौरान चचेरे भाइयों का परिवार आया। इनके हाथ में लाठी, सरिया और लकड़ी काटने वाली कुंठ थी। अचानक इन लोगों ने परिवार के लोगों पर हमला कर दिया। तीनों को बांगड़ अस्पताल लाया गया था। इनमें जगदीश की हालत गंभीर होने पर उसे जोधपुर रेफर किया गया। एक-दूसरे पर लाठियों से हमला किया, पत्थरबाजी की इस पूरी घटना का सीसीटीवी भी सामने आया है। इसमें साफ नजर आ रहा है कि दोनों पक्षों की ओर से जमकर पत्थरबाजी हो रही। इसके साथ ही लाठियों से हमला किया जा रहा है। इसी दौरान पत्थर एक व्यक्ति के सिर पर लगता है और वह अचेत होकर नीचे गिर जाता है। इस दौरान करीब पांच मिनट तक बीच सड़क पर ये पूरा घटनाक्रम चला। इस हमले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जमकर पत्थर बरसाए। इसके साथ ही वहां रखी पिकअप, लोड़िंग टेम्पो और टैक्सी में भी जमकर तोड़फोड़ की। लाठियों से इनके शीशे तक तोड़ दिए। पीड़िता बोली-पुलिस ने नहीं की कार्रवाई दिनेश की पत्नी का आरोप है कि ये लोग पिछले सात दिन से विवाद कर रहे है। इस हमले में तीनों के सिर, पैर और हाथ में चोंट लगी है। परिवार की एक महिला ने जमीन पर घायल पड़े दिनेश और श्रवण के पैरों पर पत्थर फेंके। लक्ष्मी ने बताया कि पहले हुए विवाद को लेकर उसने औद्योगिक थाने में भी शिकायत दी थी। उसका आरोप है कि पहले हुए विवाद के वीडियो भी उन्होंने पुलिस को सौंपे थे लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
