दौसा में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वीरांगना मामले में उनके कपड़े फाड़कर बेइज्जत किया गया था। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन और भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक जैसे मुद्दों पर उन्होंने प्रमाणों के साथ आवाज उठाई थी, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। मंत्री ने कहा कि अगर उस समय उनकी बात मान ली जाती तो आज कांग्रेस की ऐसी दुर्दशा नहीं होती। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार घोटालों और पेपर लीक मामलों में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को जेल भेज रही है। दरअसल, शनिवार रात 8 बजे को मंत्री मानपुरिया गांव पहुंचे और रात्रि चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। वीरांगना मामले में कपड़े फाड़े गए दौसा में मीडिया से बातचीत के दौरान कृषि मंत्री ने कहा कि पिछले राज में उन्होंने जल जीवन मिशन, भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और कई अन्य मामलों को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन किए। उन्होंने कहा कि जेजेएम घोटाले में एफआईआर की मांग को लेकर वे तीन दिन तक अशोक नगर थाने पर धरने पर बैठे रहे, लेकिन इसके उलट उन्हें गिरफ्तार कर चाकसू ले जाया गया। उन्होंने कहा, “वीरांगना मामले में तो हमारे कपड़े फाड़कर बेइज्जत किया गया था।” मंत्री ने कहा कि उन्होंने पूर्व सरकार के सामने हर मामला प्रमाणों के साथ रखा था, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मेरी बात मानते तो कांग्रेस की यह हालत नहीं होती किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि यदि तत्कालीन सरकार समय रहते कार्रवाई कर लेती तो आज कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति अलग होती। उन्होंने कहा कि जिन मामलों को उन्होंने पहले उठाया था, अब उन्हीं मामलों में कार्रवाई हो रही है और आरोपी जेल पहुंच रहे हैं। एसआई भर्ती परीक्षा पर भी दिया बयान एसआई भर्ती परीक्षा दोबारा कराने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि उसी समय परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को फिर से मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि डेढ़ साल से अभ्यर्थी न्याय की मांग कर रहे हैं। ऐसे में नए अभ्यर्थियों को शामिल करना गलत होगा। कांग्रेस ने बर्बाद किया युवाओं का भविष्य कृषि मंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय भर्ती परीक्षाओं में बड़े स्तर पर गड़बड़ियां हुई थीं। उन्होंने दावा किया कि 18 में से 17 भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने के सबूत उन्होंने मीडिया के सामने रखे थे। मंत्री ने कहा कि उन्होंने उस समय के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। उन्होंने कहा कि अब उनकी सरकार ने सख्त कार्रवाई शुरू की है। पेपर लीक मामले में 67 एसआई और राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के 2 सदस्य जेल में हैं। वहीं जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में पूर्व मंत्री महेश जोशी भी जेल में हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि जिन्होंने प्रदेश को लूटा और युवाओं का भविष्य खराब किया, उनके खिलाफ सरकार लगातार कार्रवाई कर रही है। गहलोत के आरोपों पर पलटवार पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले भी 20 हजार करोड़ रुपए के टेंडरों में गड़बड़ी और 900 करोड़ रुपए के टेंडरों में घपलों के प्रमाण दिए थे। उन्होंने कहा कि यदि सुबोध अग्रवाल आरोपी हैं तो तत्कालीन मंत्री महेश जोशी भी जिम्मेदार हैं। ऐसे में कार्रवाई को द्वेषतापूर्ण बताना गलत है। कृषि मंत्री नांगल क्षेत्र के मानपुरिया गांव जाते वक्त दौसा में आरपीएससी के पूर्व सदस्य विनोद बिहारी शर्मा के निवास पर रूके थे। जहां उन्होंने कई मुद्दों पर चर्चा की। मंत्री ने गांव में लगाई रात्रि चौपाल, समस्याएं सुनी कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मानपुरिया गांव में रात्रि चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी, साथ ही सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। मंत्री ने लोगों की समस्याओं का मौके पर मौजूद अधिकारियों से तत्काल निराकरण करवाया। उन्होंने कहा कि ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट के तहत 23 से 25 मई को जयपुर में आयोजित होगी। जहां किसान, निवेशक और उद्योगपतियों को एक मंच पर लाकर एग्रीकल्चर बेस इंडस्ट्रीज विकसित करने पर चर्चा होगी। एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट को बढ़ावा मिले और आधुनिक तकनीक से खेती की किसानों को जानकारी दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश का किसान संपन्न हो। इसके लिए गांव-गांव में ग्राम रथ के माध्यम से भी उन्हें योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।
