सांस की परेशानी होने पर डॉक्टर के पास पहुंचे मरीज की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजन मरीज को चूरू के गांव रायपुरिया से बीकानेर लेकर जा रहे थे। इस दौरान जब तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो वह प्राथमिक इलाज के लिए रास्ते में सरदारशहर उप जिला अस्पताल पहुंचे। मरीज की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टर पर गलत इंजेक्शन देने का आरोप लगाया और अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए। हालांकि डॉक्टर का कहना है कि मरीज का इलाज पहले चूरू जिला मुख्यालय पर चला था। इजेंक्शन में किसी भी तरह की गड़बड़ नहीं थी। गलत इंजेक्शन देने का आरोप लगाया सरदारशहर थाना एसआई वीरेंद्र ने बताया- रायपुरिया निवासी रामलाल (60) को परिजन अस्पताल लेकर आए थे। जहां डॉ. चंदन मोटसरा ने मरीज का इलाज किया। इस दौरान मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पर गलत इंजेक्शन देने का आरोप लगाया है। रामलाल के छोटे भाई ने बताया- मेरा भाई 6 दिन से चूरू के अस्पताल में भर्ती रहा। तबीयत में सुधार होने के बाद दो दिन तक घर पर ठीक रहा। रविवार को सांस की परेशानी होने पर उसे सरदारशहर लेकर आए। जहां डॉक्टर के आवास पर उसे दिखाया। इस दौरान जब डॉक्टर ने इंजेक्शन लगाया तो उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उसे अस्पताल की इमरजेंसी में भेज दिया। जहां उसकी मौत हो गई। डॉक्टर बोले-मरीज की स्थिति खराब थी मामले को लेकर डॉ. चंदन मोटसरा ने कहा-डॉक्टर का काम किसी की जान बचाना होता है। उन्होंने बताया कि मरीज का ऑक्सीजन स्तर काफी कम था, इसलिए स्थिति को देखते हुए इंजेक्शन लगाना जरूरी समझा गया था। नर्सिंग स्टाफ सुनील ने बताया-परिजन मरीज को बीकानेर लेकर जा रहे थे। मगर रास्ते में जब तबीयत खराब हुई तो वह मरीज को यहां लेकर आ गए। प्रभारी डॉक्टर बोले-इंजेक्शन में सामने नहीं आई गड़बड़ी इधर, उप जिला अस्पताल के प्रभारी डॉ. चंद्रभान जांगिड़ ने कहा कि प्रारंभिक जांच में इंजेक्शन में किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने नहीं आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीज की मौत का वास्तविक कारण क्या रहा, इसके बारे में फिलहाल कुछ भी कहना संभव नहीं है। पोस्टमार्टम के बाद ही कारणों का पता चलेगा। शव को उप जिला अस्पताल की मोर्च्युरी में रखवा दिया है। … यह खबर भी पढ़ें निजी अस्पताल में इलाज के दौरान युवक की मौत:परिजनों ने लगाया गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप, डॉक्टर बोले-हार्ट अटैक से गई जान 4 महीने के बच्चे की मौत, परिजनों ने किया हंगामा:एक दिन पहले लगाया था टीका, BCMHO ने जांच के लिए टीम बनाई
