ब्यावर जिले के रायपुर मारवाड़ उपखंड क्षेत्र में रविवार को सिलेंडर में लीकेज से आग लग गई। हादसे में मां और 2 बेटियों की जिंदा जलने से मौत हो गई। आग इतनी तेजी से फैली कि उसने पूरी रसोई को चपेट में ले लिया। महिला और दोनों बच्चियों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया। जानकारी के अनुसार, दुकान में बनी रसोई में सिलेंडर से गैस लीकेज के कारण आग लग गई। हादसे में मनीषा (28) पत्नी दीपसिंह रावत, नवीया (8) पुत्री दीपसिंह और पल्लवी (5) पुत्री दीपसिंह की मौत हो गई। मनीषा चाय बनाने के लिए रसोई में गई थी। जैसे ही उसने गैस चालू किया, अचानक आग भड़क उठी। हादसा रविवार दोपहर 3:30 बजे रेलड़ा ग्राम पंचायत के कानचा उड़ावता गांव में हुआ। हादसे की 3 तस्वीरें दोपहर 3.30 बजे हुआ हादसा सेंदड़ा थानाप्रभारी हरिराम जाट ने बताया- हादसा रविवार दोपहर 3:30 बजे हुआ। सूचना मिलने पर 4 बजे पुलिस मौके पर पहुंची। तीनों शवों को ब्यावर के अमृतकौर अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। दुकान में बना रखा था किचन मनीषा ने घर में बनी सिलाई की दुकान में ही किचन बना रखा था। मनीषा ने चाय बनाने के लिए गैस चालू किया। इसी दौरान सिलेंडर में लीकेज के कारण अचानक आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि मनीषा और उसकी दोनों बच्चियों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। इस दौरान आग ने विकराल रूप ले लिया था। सूचना पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हादसे के समय घर में मां और दोनों बेटियां ही थीं मृतका मनीषा के चचेरे देवर जीत सिंह ने बताया कि हादसे के समय घर पर मां और दोनों बेटियां ही थी। मनीषा घर में बनी दुकान में सिलाई और ब्यूटी पार्लर का काम करती थी। उसी में किचन भी बना रखा था। आग लगते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। इसके बाद फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। मनीषा का पति दीप सिंह ऑटो चालक है। बड़ी बेटी नवीया गांव में ही प्राइवेट स्कूल में एलकेजी कक्षा में पढ़ती थी। छोटी बेटी पल्लवी पास के आंगनबाड़ी केंद्र में जाती थी।
