बालोतरा में पुलिस ने 5 घंटे 19 किमी पैदल पीछा कर डोडा-चूरा ले जा रहे तस्कर को पकड़ा है। उसका एक साथी मौका पाकर भाग निकला। तस्करों ने पुलिस की नाकाबंदी देख अपनी स्कॉर्पियो दौड़ा दी थी, पुलिस ने टायर बर्स्ट कर दोनों को रोकने का प्रयास किया। इसके बावजूद दोनों SUV भगाते रहे। कुछ देर बाद SUV छोड़ धोरों में भागने लगे। पुलिस के पैरों के निशान से एक को पकड़ा। SUV से पुलिस को 64.383 किलो डोडा-पोस्त मिला है। पूछताछ में सामने आया कि दोनों ने 18-18 हजार रुपए में ये तस्करी कर रहे थे। मामला धोरीमन्ना थाना इलाके मीठड़ा खुर्द का है। एसपी रमेश ने बताया- टीम ने आरोपी रामजीवन विश्नोई पुत्र हनुमानाराम निवासी लच्छिया, भूणिया पुलिस थाना धनाऊ बाड़मेर को डिटेन करने में सफलता हाथ लगी। वहीं एक अन्य आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहा। स्कार्पियों की तलाशी लेने पर उसमें करीब 64.383 किलोग्राम अवैध डोडा-पोस्त बरामद किए गए। टायर बर्स्ट करने के बावजूद भगाते रहे स्कॉर्पियो एसपी के अनुसार, मादक-पदार्थ तस्करों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए ऑपरेशन विषभंजन चलाया जा रहा है। एएसपी हरफूल सिंह डीएसपी सुखराम धोरीमन्ना थानाधिकारी दीपसिंह और गुड़ामालानी थानाधिकारी सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीमें बनाई गई। साथ में डीसीआरबी, डीएसटी शामिल हुई। स्कार्पियो में अवैध डोडा-पोस्त भरकर तस्करी करने की सूचना मिलते ही टीमें एक्टिव हुई। टीमों ने धोरीमन्ना में संदिग्ध वाहन का पीछा करना शुरू किया। टीम ने स्कार्पियो के टायर बर्स्ट किए जाने के बावजूद आरोपी निर्माणाधीन सड़क पर स्कॉर्पियो भगाते रहे। 5 घंटे तक 19 किलोमीटर पैदल पीछा एसपी के अनुसार, इसके बाद ये स्कॉर्पियो से उतरकर भागने लगे। करीब 5 घंटे तक 19 किलोमीटर पैदल पीछा किया। कई बार आरोपी अंधेरे एवं रेतीले धोरों का फायदा उठाकर ओझल हो जाते। टीम ने पद्चिन्हों एवं परंपरागत पुलिसिंग के आधार पर लगातार पीछा किया। हैंडलर डोडा-पोस्त और चोरी के वाहन देता था आरोपी ने पूछताछ में बताया कि डोडा-पोस्त स्कार्पियो-एन में भरकर मुख्य सरगना के लिए लेकर आए थे। तस्करी नेटवर्क का मुख्य सरगना और हैंडलर डोडा-पोस्त की खरीद-फरोख्त, सप्लाई, एस्कॉर्टिग, अवैध हथियार एवं चोरी के वाहन उपलब्ध करवाता था। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया क्राइम की झूठी दुनिया एवं सोशल मीडिया रीलों की चमक-दमक से प्रभावित होकर इसे रास्ते चला गया था। कम समय में जल्दी रुपए कमाने के लालच में क्राइम का रास्ता चुना। एक चक्कर के मिलते थे 18-18 हजार रुपए पूछताछ में सामने आया कि आरोपी प्रतापगढ़ से चितौड़गढ़, उदयपुर, सिरोही और भीनमाल होते हुए गांधव से बालोतरा जिले में घुसते थे। धोरीमन्ना और सेड़वा इलाके में खेप की सप्लाई करते थे। तस्करी में शामिल युवकों को एक चक्कर के बदले 18-18 हजार रुपए का लालच दिया जाता था। पुलिस से बचने के लिए वाहनों की सीटें खोलकर कांच के नीचे तक डोडा-पोस्त छिपाकर भरते थे, ताकि किसी को संदेह न हो।
