आज सुबह 11:45 बजे कई मोबाइल फोन पर एकसाथ सायरन की आवाज बजने से कुछ लोग हैरत में पड़ गए। सभी के मन में सवाल उठा कि ये सायरन क्यों बजा। दरअसल, यह मैसेज राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, यानी NDMA ने भेजा था, जो इमरजेंसी मोबाइल अलर्ट ट्रायल का हिस्सा है। NDMA ने इमरजेंसी में लोगों तक सूचना पहुंचाने के लिए 2 मई को इस सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम का परीक्षण किया। इस परीक्षण का उद्देश्य नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों के प्रति जागरूक करना और भविष्य में किसी भी आपदा के दौरान समय पर सतर्क करना है। अलर्ट में साफ बताया गया कि यह केवल एक परीक्षण है। इस पर किसी प्रकार की कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है। आगे पढ़िए अलर्ट आने पर लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही… जयपुर के ज्वेलर गिर्राज सोनी ने बताया- इस मैसेज को देखकर एक बार घबरा गया था। मुझे लगा कि मैसेज को सेव करूं या इसका उत्तर दूं। मेरे फोन पर कोई नंबर नहीं आया। पढ़ने पर समझ में आया कि पर रिएक्ट नहीं करना और यह अलर्ट मैसेज है। किस चीज को लेकर अलर्ट कर रहे हैं। मैसेज का रिफरेंस तो आना चाहिए कि यह मैसेज कहां से है। भारत सरकार से है, राजस्थान सरकार से है या मिलिक्ट्री से है। एक दिन पहले ही मिल गई थी जानकारी आदर्श नगर निवासी फरमान कुरैशी ने बताया- आज जो अलर्ट मैसेज आए थे, उसकी जानकारी शुक्रवार से ही थी। इस अलर्ट मैसेज से पहले कल हमारे पास मैसेज आया था। इसमें सूचना दी गई थी कि भारत सरकार की ओर से एक मैसेज आएगा। जो अलर्ट करने के लिए होगा। इसमें किसी तरह से घबराने और रिएक्शन करने की जरूरत नहीं है। विष्णु सोनी ने बताया- मैं फोन पर बात कर रहा था, इस दौरान फोन में अजीब आवाज और अलर्ट आने लगा। इससे मैं घबरा गया। एक बार सोचा फोन में क्या हो गया। मन में यही सवाल था यह मैसेज क्यों आया है और किसने भेजा है। एक बार के लिए लगा कि कहीं यह युद्ध के कारण तो नहीं आया है। कोई अनहोनी तो होने वाली नहीं है। रामगंज निवासी मुजम्मिल अहमद ने बताया- एक साथ सबके फोन पर अलार्म जैसा बजा। सब लोग इस दौरान एक दूसरे को देख रहे थे। पूछ रहे थे क्या हो रहा है। सब एक दूसरे से पूछने लगे कि क्या तुम्हारा फोन भी बज रहा है। हालांकि फिर सब लोगों को पता चल गया था कि यह गवर्नमेंट की तरफ से भेजा गया है। इसके लिए एक दिन पहले ही लोगों को मैसेज भेजा गया था।
देशभर में इमरजेंसी मैसेज की एकसाथ टेस्टिंग शनिवार को देश के सभी राज्यों की राजधानियों और दिल्ली-NCR में सभी मोबाइल फोन पर एकसाथ टेस्टिंग मैसेज भेजा गया। यह मैसेज हिंदी और अंग्रेजी के साथ सभी क्षेत्रीय भाषाओं में भी भेजा गया। इस मैसेज में लोगों को बताया गया कि यह केवल परीक्षण है और इस पर कोई एक्शन लेने की जरूरत नहीं है। सरकार ने पहले ही बताया था- मैसेज से घबराएं नहीं सरकार ने दो दिन पहले ही मैसेज भेजकर लोगों से अपील की थी कि टेस्टिंग वाला मैसेज मिलने पर घबराएं नहीं। शनिवार का मैसेज केवल इमरजेंसी के हालात में चेतावनी देने वाले सिस्टम की जांच के लिए भेजा गया था। देश में ही विकसित किया गया है SACHET सिस्टम इमरजेंसी की स्थिति में लोगों को रियल टाइम अलर्ट देने के लिए सरकारी संस्था सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमेटिक्स (C-DOT) ने इंटीग्रेटेड अलर्ट सिस्टम ‘SACHET’ को विकसित किया है। सचेत नाम का यह सिस्टम कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (CAP) पर आधारित है। इसे देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक्टिव कर दिया गया है। सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक से रियल-टाइम अलर्ट मिलेगा NDMA ने मोबाइल SMS को सेल ब्रॉडकास्ट (CB) तकनीक से जोड़ा है। इससे चुने गए इलाके में एक्टिव सभी मोबाइल फोन पर एक साथ अलर्ट मिलेगा। इससे इमरजेंसी के समय रियल टाइम सूचना पहुंच सकेगी। सरकार ने कहा- अब तक 134 अरब से ज्यादा अलर्ट भेजे जा चुके रिपोर्ट्स के मुताबिक इस सिस्टम के जरिए अलग-अलग प्राकृतिक आपदाओं जैसे मौसम में बदलाव और चक्रवात के अलर्ट दिए जा चुके हैं। अब तक 19 से ज्यादा भारतीय भाषाओं में 134 अरब से ज्यादा SMS अलर्ट भेजे जा चुके हैं। इस सिस्टम का इस्तेमाल हर इमरजेंसी सिचुएशन में लोगों को तुरंत चेतावनी देने के लिए किया जा सकता है। 6 सवाल-जवाब में समझें यह सिस्टम कैसे काम करता है सवाल: सेल ब्रॉडकास्ट सेवा क्या है? जवाब: यह एक तकनीक है, जिससे सरकार किसी इलाके के सभी मोबाइल फोन पर एक साथ अलर्ट मैसेज भेज सकती है। सवाल: यह SMS से अलग कैसे है? जवाब: SMS में मैसेज नंबर-टू-नंबर जाता है, जबकि CBS में पूरे इलाके(सेल/टावर कवरेज) के सभी फोन पर एक साथ मैसेज पहुंचता है। सवाल: CBS का इस्तेमाल कब किया जा सकता है? जवाब: आपदा चेतावनी (भूकंप, बाढ़, चक्रवात), मौसम अलर्ट, राष्ट्रीय/आपातकालीन सूचना। सवाल: क्या इसके लिए इंटरनेट जरूरी है? जवाब: नहीं, CBS बिना इंटरनेट के भी काम करता है। सवाल: क्या सभी मोबाइल पर मैसेज आता है? जवाब: हां, अगर फोन नेटवर्क कवरेज में है और CBS फीचर एक्टिव है तो मैसेज आता है। सवाल: भारत में CBS कौन लागू कर रहा है? जवाब: भारत में इसे NDMA (राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण) और टेलीकॉम विभाग लागू कर रहे हैं।