अलवर जिला अस्पताल में सीनियर रेजिडेंट के पद पर कार्यरत डॉ. ज्योति को पिछले 8 महीने से वेतन नहीं मिला है। मेडिकल ज्यूरिस्ट ज्योति ने कहा-29 अगस्त 2025 से अब तक उन्हें एक रुपए का भी वेतन नहीं मिला है, जिससे उनकी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है। पहले भरतपुर में जॉइन किया था, लेकिन करीब 2 महीने बाद अलवर में सीनियर रेजिडेंट (SR) पद पर ट्रांसफर करवा लिया। हालांकि,अलवर में 6 महीने की सेवा के बावजूद मेरा मूल वेतन भरतपुर से ही बनना है, लेकिन वहां से भुगतान नहीं हो पा रहा है। कई बार भरतपुर के पीएमओ (PMO) को पत्र लिखे और संपर्क भी किया, लेकिन हर बार मामला निदेशालय में लंबित होने की बात कहकर टाल दिया जाता है। इस मामले पर भरतपुर पीएमओ डॉ. नगेंद्र भदौरिया ने कहा- इस मामले के बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। मोबाइल रिचार्ज तक के पैसे नहीं हैं डॉ. ज्योति ने बताया – भरतपुर में वेतन जारी करने के बदले रिश्वत मांगी जाती है; उनका कहना है कि यदि वे सुविधा शुल्क दे दें, तो उनका वेतन तुरंत जारी हो सकता है। डॉ. ज्योति ने बताया- मेरे पास मोबाइल रिचार्ज तक के पैसे नहीं हैं और अलवर में किराए के कमरे का भुगतान करना भी मुश्किल हो गया है। इन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद वे अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा से निभा रही हैं। रोजाना पोस्टमॉर्टम करना, देर शाम तक अस्पताल में सेवाएं देना और ऑन-कॉल ड्यूटी के लिए तत्पर रहना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बना हुआ है। एक महिला डॉक्टर होने और मुख्यमंत्री के गृह जिले (भरतपुर) से संबंधित होने के बावजूद उन्हें परेशानी से गुजरना पड़ रहा है, जो स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।