जयपुर में अवैध पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट में हुई 8 लोगों की मौत के मेन आरोपी कयूम खान को पुलिस ने अरेस्ट किया है। वह पिछले हफ्तेभर से दिल्ली व उत्तर प्रदेश में ठिकाने बदल-बदलकर फरारी काट रहा था। पुलिस जांच में सामने आया है कि रुपयों के लालच में आरोपी ने पार्टनरशिप में अवैध पटाखा फैक्ट्री खोली थी। ब्लास्ट के दिए दिल्ली से आए दो युवक फैक्ट्री में आराम करने के चलते मौत के मुंह में चले गए। खोह नागोरियान थाना पुलिस मामले में फरार अन्य साथी आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। डीसीपी (ईस्ट) रंजिता शर्मा ने बताया- अवैध पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट में 8 लोगों की मौत के जिम्मेदार मेन आरोपी कयूम खान (50) निवासी राक्ष्या की ढाणी खोह नागोरियान को अरेस्ट गया है। पिछले आठ दिनों से पुलिस टीम उसकी तलाश में दिल्ली व उत्तर प्रदेश में दबिश दे रही थी। पुलिस टीम ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में दबिश देकर आरोपी कयूम खान को पकड़ा है। पूछताछ में सामने आया है कि वह पिछले 8 दिनों से दिल्ली व उत्तर प्रदेश में ठिकाने बदल कर फरारी काट रहा था। इस दौरान उसने अपने रिश्तेदार-परिजनों से भी कॉन्टैक्ट बंद कर रखा था। पुलिस मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। थानाधिकारी प्रकाशराम विश्नोई के नेतृत्व में SI मुकेश व बजरंग लाल और कॉन्स्टेबल धीरज व सुमनेश की टीम की मेन आरोपी को पकड़ने में अहम भूमिका रही। दिल्ली से आकर कर रहे थे आराम
पुलिस जांच में सामने आया है कि ब्लास्ट वाले दिन दिल्ली से गाड़ियों में भरकर अवैध विस्फोट का सामान आया था। गाड़ियों को खाली करवाने के लिए नासिर और रेहान साथ आए थे। माल खाली होने के बाद गाड़ियां तो वापस लौट गई, लेकिन दोनों यहीं रुक गए। फैक्ट्री में नासिर व रेहान के आराम करने के दौरान ब्लास्ट हो गया। ब्लास्ट होते ही दोनों को मरता छोड़कर आरोपी फिरोज व कयूम भाग निकले थे। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में सामने आया है कि रुपयों के लालच में उसने फैक्ट्री खोली थी। दिल्ली से शुरू हुए काम को जयपुर में वह बढ़ाने का काम कर रहा था। वह फैक्ट्री से पार्टनरशिप में जुड़ा हुआ था।
