भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी (माकपा) 14 अक्टूबर 2026 को जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर प्रदर्शन करेगी। पार्टी ने यह निर्णय लोकतंत्र पर हो रहे हमलों, मनमाने ढंग से मुकदमे दर्ज करने और राजनीतिक दबाव में पुलिस कार्रवाई किए जाने के विरोध में लिया है। हनुमानगढ़ में शनिवार के माकपा नेता कामरेड रामेश्वर वर्मा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों की तानाशाही कार्यप्रणाली लोकतंत्र के लिए खतरा है। उन्होंने एक माकपा नेता का नाम एफआईआर में शामिल किए जाने पर भी आपत्ति जताई। सरकारों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल कामरेड रामेश्वर वर्मा ने कहा कि लोकतंत्र और नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए पार्टी संघर्ष करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में युवाओं को जंतर-मंतर पहुंचने से रोका जा रहा है। हनुमानगढ़ में भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। माकपा ने इन मुद्दों को लेकर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। सांसद, पूर्व विधायक और नागरिक होंगे शामिल पार्टी के अनुसार, प्रदर्शन में माकपा कार्यकर्ताओं के साथ जागरूक नागरिक, बुद्धिजीवी, सांसद और पूर्व विधायक भी शामिल होंगे। पार्टी ने आम नागरिकों से लोकतंत्र और मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रदर्शन में भागीदारी करने की अपील की है।
