पंजाब में किसान-मजदूरों ने को-ऑपरेटिव सोसाइटियों की बढ़ी हुई लोन लिमिट तुरंत लागू करने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया। संगरूर में को-ऑपरेटिव बैंक के प्रधान कार्यालय पर सैकड़ों किसान, मजदूर, नौजवान और महिलाएं इकट्ठा हुईं। यह प्रदर्शन किसान मजदूर मोर्चा चैप्टर पंजाब के आह्वान पर आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए दिलबाग सिंह हरिगढ़ और जसविंदर सिंह लोंगोवाल ने कहा कि पंजाब सरकार को को-ऑपरेटिव सोसाइटियों के माध्यम से बढ़ाई गई कृषि ऋण सीमा के अनुसार किसानों को खाद सहित आवश्यक नकद राशि तुरंत जारी करनी चाहिए। उन्होंने किसानों को वित्तीय सहायता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। किसान नेताओं ने बताया कि इनपुट, श्रम और मशीनरी की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण किसान अपनी जरूरतें पूरी करने में असमर्थ हैं। बढ़ी हुई ऋण सीमा से किसानों को वित्तीय राहत मिलेगी। ओटीएस योजना शुरू करने की मांग किसान नेताओं ने यह भी मांग की कि प्राइवेट बैंकों की तरह को-ऑपरेटिव बैंकों में भी वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना शुरू की जाए। इससे उन किसानों को राहत मिलेगी जो मजबूरी में डिफॉल्टर हो गए हैं और वे अपने खाते नियमित करवा सकेंगे। उन्होंने पंजाब सरकार से सोसाइटियों को मजबूत करने के लिए यूरिया, डीएपी, जिंक और पोटाश जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर पूरी करने का आग्रह किया। साथ ही, नैनो यूरिया सहित गैर-जरूरी चीजें देने पर रोक लगाने और ऐसा करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने को-ऑपरेटिव सोसाइटियों में नए खाते खोलने में तेजी लाने और जिन किसानों ने नई पासबुक बनवाई है, उन्हें बिना किसी शर्त के आवश्यक वस्तुओं के साथ तुरंत नकद ऋण प्रदान करने की भी मांग की।