पेड़ काटने को लेकर विवाद दो परिवार में इतना विवाद बढ़ गया कि पड़ोसी परिवार ने युवक को पेड़ से बांधकर बुरी तरह से पीटा। बताया जा रहा है कि उसे बेहोश होने पर लाठी-डंडों से पीटते रहे। मामला झुंझुनूं जिले के सिंघाना थाना क्षेत्र के डूमोली गांव में 12 मई शाम 5 बजे का है। परिवार की ओर से 13 मई की शाम मामला दर्ज करवाया गया था। इसका वीडियो भी सामने आया है। इतना ही नहीं युवक को घर के आंगन में चार घंटे तक बांधकर रखा। इसके साथ ही उसे कोई छुड़ा नहीं ले जाए इसके लिए मेन गेट पर ताला तक लगा दिया। इस मामले में पीड़ित राहुल की मां की ओर से दी रिपोर्ट में बताया गया कि खेजड़ी के पेड़ को काटने को लेकर विवाद हुआ था। वहीं बेटे का कहना था कि प्लाट में पेड़ लगे है, रास्ते के लिए वे इसे काटना चाहते थे, जिसे लेकर ये पूरा विवाद हुआ।
प्लाट में लगे पड़ों पर पानी दने गया था, रास्ते को लेकर हुआ विवाद सिघाना थानाधिकारी सुगन सिंह ने बताया कि पीड़ित राहुल (23), पुत्र सतपाल बावरिया की मां मंजू ने रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट में बताया कि राहुल हमारे प्लाट में सूखी लकड़ी काट रहा था। तभी पड़ोस में रहने वाला रोहताश समेत उसकी पत्नी प्रेमीदेवी, उसका बेटा इंद्र और बहू सरोज लकड़ी और कुल्हाड़ी लेकर हमारे प्लाट में आए। यहां वे खेजड़ी पेट काटने लगे तो राहुल और बेटी आशा ने उन्हें पेड़ काटने से मना कर दिया। इस पर वे नाराज हो गए और गाली-गलौज करने लगे। विवाद इतना बढ़ गया कि रोहतान के परिवार ने वहीं पर मारपीट शुरू कर दिया और पीट-पीटकर उसे बेहोश कर दिया। इसके बाद रोहित को घसीटकर अपने घर में ले गए और वहां पेड़ से बांधकर उनकी पिटाई की। घर के आंगनर में चार घंटे तक बांधकर रखा पिटाई के दौरान राहुल चीखता और चिल्लाता रहा लेकिन परिवार ने एक नहीं सुनी और उसके साथ मारपीट करते रहे। पड़ोसी परिवार ने राहुल को घर के आंगन में करीब चार घंटे तक बंधक बनाकर रखा। सिंघाना थानाधिकारी सुगन सिंह ने बताया कि मां की ओर से दी रिपोर्ट में बताया कि बेटे को घर में लगे पेड़ पर बेटे को बांधकर रखा। जान से मारने की नियत से उसके साथ पिटाई की की और मेन गेट पर ताला भी लगा दिया ताकि कोई उसे छुड़ा नहीं सके। रोहित की मां ने बताया कि इस बीच मेरी बेटी भागते हुए आई और पुलिस को कॉल किया। इस दौरान पुलिस मौके पर पहुंची और बेटे को छुड़वाया। शरीर पर चोट क निशान बन गए थे और मुंह से खून निकलने लगा था। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने राहुल को वहां से छुड़वाया और सिंघाना हॉस्पिटल लेकर आए। जहां से उसे झुंझुनूं के बीडीके हॉस्पिटल रेफर किया गया।
