पाली जिले के गुड़ा एंदला थाने में बिजावा (रानी) निवासी धर्मेन्द्र वीर पुत्र नगराज सीरवी ने रिपोर्ट दर्ज करवाई। जिसमें बताया कि एक वर्ष पहले उसने कार ली थी। आर्थिक जरूरत के चलते राकेश पुरी को बेच दी। कार की बकाया रुपए राकेश पुरी से बार-बार मांगने पर भी नहीं दिए। इस पर कुछ दिन पहले बता चला कि कार गिरवी रखी हुई है।
एन्दला गांव स्थित मामाजी मन्दिर पर बांकली निवासी केसर सिंह मिले। उन्होंने कहा कि तेरी कार मेरे पास गिरवी पड़ी है। 4-5 दिनों से गाड़ी लाकर देता हूं। इसके बदले गिरवी के एक लाख 40 हजार देने होंगे। इस पर उसने हां भर दी। 27 मई की दोपहर केसरसिंह गाड़ी लेकर आया और बोला कि 1.40 लाख रुपए दो तो उसने कहा कि अकाउंट में ट्रांसफर कर दूंगा। इस पर उसे गाड़ी में बिठाकर किरवा ले गए। रास्ते में उनके बताए अकांउट में 50 हजार ट्रांसफर किए। बाकि रुपए अन्य नम्बर पर भेजने का बोला तो उन नंबरों पर भेजे। किरवा से थोडा आगे निकले पर उसक कमर पर बंधी पिस्तोल निकालकर बोला कि अब 140000 नहीं 260000 ट्रांसफर करो। इस पर वह घबरा गया। यहां से उसे रानी ले गए। रानी अंडररब्रिज में गाड़ी पंचर होने पर बिजलीघर के पास ले गए। वहां मौका देखते ही वह भाग गया और थाने में शरण ली। और अपने साथ हुई सारी कहानी बताई। पुलिस ने पीड़ित की रिपोर्ट दर्जकर जांच शुरू की है।
