बीजेपी प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल के पायलट को लेकर दिए बयान और गहलोत द्वारा उस पर पलटवार के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पायलट की तारीफ करते हुए कहा कि वह सौम्य,सरल और अच्छे नेता हैं। उन्होने कभी किसी के लिए लूज टॉक नहीं की। लेकिन अब कांग्रेस वाले उनसे दूरी बनाए हुए हैं। कुछ दिन पहले गहलोत ने कहा कि पायलट की दोनों टांगे कांग्रेस में है, मतलब दिमाग बीजेपी में हैं, रास्ता तो आप दे रहे हो। पायलट के बीजेपी में आने के सवाल पर राठौड़ ने कहा-वह अपने विवेक से फैसला लें। किसी के आकर्षित करने से कोई प्रभावित नहीं होता हैं। लेकिन उनका कांग्रेस में सम्मान कहां है, कांग्रेस उनका सम्मान कहां कर रही हैं। दो दिन पहले अशोक गहलोत ने सार्वजनिक रूप से कह दिया कि उसने भूल स्वीकार कर ली हैं और भविष्य में भूल नहीं करेगा। ऐसे में क्या गहलोत पायलट को बच्चा समझते है। वह पायलट को प्रताड़ित करने का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं। पायलट अपने भविष्य का फैसला खुद करें
मदन राठौड़ ने कहा कि हमें किसी तरह की भूमिका बनाने जरूरत नहीं हैं। पायलट विवेकशील है, वह देश की परिस्थिति के हिसाब से फैसला लेंगे। वे अपने भविष्य का फैसला खुद करें। हम तो हर उस व्यक्ति का सम्मान करेंगे, जिसमें राष्ट्र के प्रति भावना हैं। जिसमें राष्ट्रीय चरित्र हो। देश के लिए सर्वस्व समर्पण का भाव रखता हो। हमारी रीति नीति को समझे, हम उसका सम्मान करेंगे। बीजेपी पायलट का सम्मान करती है
मदन राठौड़ ने कहा कि प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल भी उत्तरप्रदेश से आते है, उन्हें लगा कि वहां रहने वाला व्यक्ति यहां कैसे आ गया। वह दोनों भाई-भाई हैं। इसलिए मजाक करते रहते हैं। मैं नहीं मानता की उनकी पायलट के प्रति कोई अपमान करने की भावना थी। मैं (पायलट) उनका सम्मान करता हूं, मेरी पार्टी उनका सम्मान करती हैं। हम किसी की भावना को ठेस नहीं पहुंचाना चाहते है, किसी को प्रताड़ित नहीं करना चाहते हैं। हम तो विपक्ष का भी आदर करते हैं। राजनीति अपनी जगह है, लेकिन मर्यादा नहीं तोड़नी चाहिए। लेकिन जो शब्द पायलट के लिए प्रयोग किए गए है, उन्हें नकारा-निकम्मा कहा गया। वो उनको जीवन भर चुभता रहेगा।
