कम समय में मोटी कमाई का लालच देकर बेरोजगार युवाओं को शराब तस्करी के नेटवर्क में धकेला जा रहा है। ड्राइविंग जानने वाले युवकों को एक ट्रिप के बदले 35 हजार रुपए तक दिए जाते हैं। इतना ही नहीं, तस्कर पकड़े जाने पर जेल से छुड़ाने का पूरा खर्च उठाने और जेल में रहने तक परिवार का खर्च चलाने का भरोसा भी देते हैं। ऐसे ही एक मामले में पाली पुलिस ने दवाइयों की आड़ में बीयर की खेप ले जा रहे कंटेनर को पकड़ते हुए ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। कंटेनर में पंजाब निर्मित अलग-अलग ब्रांड की एक हजार से ज्यादा बीयर पेटियां भरी हुई थीं, जिन्हें अहमदाबाद ले जाया जा रहा था। शराब की कीमत करीब 50 लाख रुपए आंकी जा रही है। अब सिलसिलेवार पढ़िए पूरा घटनाक्रम … 1. तीन दिन-चार रात हाईवे पर डटी रही टीम पाली एसपी मोनिका सैन ने बताया – ट्रांसपोर्ट नगर थाना प्रभारी हनुवंत सिंह सिसोदिया को मुखबिर से सूचना मिली थी कि पंजाब से एक कंटेनर में भारी मात्रा में बीयर की खेप गुजरात की तरफ भेजी जा रही है। सूचना मिलते ही सब इंस्पेक्टर जाकिर अली, हेड कॉन्स्टेबल रामनिवास और जसाराम सहित कॉन्स्टेबल विजय चौधरी, पुखसिंह, अमराराम और श्रवण विश्नोई की टीम गठित की गई। टीम लगातार तीन दिन और चार रात तक हाईवे पर अलग-अलग स्थानों पर निगरानी करती रही, ताकि संदिग्ध कंटेनर थाना क्षेत्र से आगे नहीं निकल सके। गुरुवार दोपहर कंटेनर सोजत की तरफ से आता दिखाई दिया। इसके बाद टीम ने पाली में 72 फीट बालाजी मंदिर के पास कंटेनर को रुकवाया। 2. सील तोड़कर देखा तो अंदर भरी थीं बीयर पेटियां पुलिस के अनुसार कंटेनर पूरी तरह सील पैक था। जब कंटेनर की सील तोड़कर जांच की गई तो अंदर पंजाब निर्मित अलग-अलग ब्रांड की बीयर के कार्टन भरे मिले। शुरुआती जांच में करीब एक हजार से ज्यादा बीयर पेटियां मिली हैं, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 50 लाख रुपए आंकी जा रही है। फिलहाल गिनती और कार्रवाई जारी है।
3. दवाइयों की बिल्टी बनाकर कर रहे थे तस्करी एसपी मोनिका सैन ने बताया – कंटेनर ड्राइवर दवाइयों की बिल्टी की आड़ में बीयर की खेप पंजाब से अहमदाबाद लेकर जा रहा था। मामले में कंटेनर ड्राइवर सुखवीर (26) पुत्र बलवीर निवासी ईंदासर, सादुलपुर (चूरू) को गिरफ्तार किया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। 4. एक ट्रिप के 35 हजार, पकड़े जाने पर जेल से छुड़ाने का भरोसा पुलिस पूछताछ में सामने आया कि कंटेनर ड्राइवर को एक ट्रिप के बदले 35 हजार रुपए दिए जाते थे। तस्कर यह भरोसा भी देते थे कि पकड़े जाने पर जेल से छुड़ाने का पूरा खर्च वे उठाएंगे। साथ ही जेल में रहने के दौरान परिवार का खर्च भी तस्कर ही उठाने का आश्वासन देते थे। पुलिस के अनुसार जल्दी पैसा कमाने के लालच में ड्राइविंग जानने वाले बेरोजगार युवा ऐसे नेटवर्क में फंसते जा रहे हैं।
