जालंधर कैट से कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज (BFUHS) में करीब 500 करोड़ रुपए से अधिक के बड़े घोटाले का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि यूनिवर्सिटी में मशीनों की खरीद, निर्माण कार्य, भर्तियों और वीसी की नियुक्ति समेत हर स्तर पर भारी धांधली हुई है। परगट सिंह ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार के मंत्रियों और नेताओं ने अपने रिश्तेदारों को बैकडोर एंट्री के जरिए नौकरियां बांटी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और इसकी विस्तृत रिपोर्ट पंजाब विधानसभा में पेश करने की मांग की है। जालंधर स्थित कांग्रेस भवन में पत्रकारों को संबोधित करते हुए परगट सिंह ने कई दस्तावेज भी मीडिया के सामने पेश किए। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान की मिलीभगत से आरएसएस पृष्ठभूमि वाले डॉ. राजीव सूद को यूनिवर्सिटी का नया कुलपति (VC) नियुक्त किया गया। पूर्व मंत्री ने बताया कि जब उन्होंने यह मुद्दा विधानसभा में उठाया था, तो दबाव में आकर यूनिवर्सिटी प्रशासन को 200 से अधिक कर्मचारियों को नोटिस जारी करने पड़े थे। परगट सिंह ने निर्माण कार्यों और मशीनरी खरीद में भ्रष्टाचार के सिलसिलेवार सबूत पेश किए। उन्होंने आरोप लगाया कि वीसी ने एक निजी कंपनी को बिना किसी टेंडर प्रक्रिया के 100 करोड़ रुपए का काम अलॉट कर दिया और केवल 25 से 30 फीसदी काम होने के बावजूद कंपनी को पूरे 100 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया गया। इसके अलावा, 35 करोड़ रुपये की बाजार कीमत वाली स्कैन मशीन को 55 करोड़ रुपए में खरीदा गया, जो एक साल बीत जाने के बाद भी डिब्बों में बंद पड़ी है। यूनिवर्सिटी में हुई अन्य आर्थिक अनियमितताओं पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पीजीआई द्वारा 19 करोड़ रुपए में खरीदी गई एमआरआई (MRI) मशीन बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ने 29 करोड़ रुपये में खरीदी। आईसीयू (ICU) के लिए 1.80 लाख रुपए प्रति बेड मिलने वाले 80 से 100 बेडों को 4.75 लाख रुपयेए प्रति बेड के हिसाब से अत्यधिक महंगी दरों पर खरीदा गया, जिनका आज तक इस्तेमाल भी नहीं हुआ है। इसके साथ ही बिना किसी टेंडर और मंजूरी के 90 लाख रुपए का एसटीपी (STP) लगाया गया और करीब 2 करोड़ की कैंसर की दवाइयां कचरे में फेंक दी गईं। स्वास्थ्य मंत्री के करीबियों पर लगाए आरोप नेताओं और मंत्रियों के करीबियों को पहुंचाए गए फायदों का जिक्र करते हुए उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के करीबी की पत्नी डॉ. बलविंदर कौर पर आरोप लगाया कि वह यूनिवर्सिटी और पटियाला कॉलेज से एक साथ दो-दो जगह से सैलरी ले रही थीं। हाई कोर्ट द्वारा 60 लाख रुपये की रिकवरी का आदेश देने के बावजूद यूनिवर्सिटी ने अब तक एक रुपये की वसूली नहीं की है। इसके अलावा, कैबिनेट मंत्री बलजीत कौर और कई जिला योजना बोर्ड अध्यक्षों के परिजनों को गलत तरीके से नौकरियां दी गईं। आप विधायक ने विजिलेंस की टीम को रोका इस दौरान यूनिवर्सिटी में 10 साल सेवा दे चुके कैंसर विशेषज्ञ डॉ. मनजीत सिंह ने भी सबूतों और वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ घोटालों का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि जब विजिलेंस की टीम शिकायतों की जांच करने पहुंची, तो स्थानीय आप विधायक ने उन्हें यूनिवर्सिटी में अंदर तक जाने से रोक दिया।