कोटा जिले में चंबल नदी के किनारे मगरमच्छ ने पिता-बेटे पर हमला कर दिया। मगरमच्छ ने पिता को अपने जबड़ों में दबोच लिया और नदी की गहराई में खींच ले गया। उसका दूसरा बेटा भी पास ही खड़ा था। बेटों के चिल्लाने पर आसपास के लोग नदी किनारे इकट्ठा हो गए। घटना खातौली थाना क्षेत्र के घटोद गांव के पास बुधवार सुबह करीब 10 बजे हुई। लोगों ने पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। ग्रामीण नाव के जरिए तलाश में जुट गए। करीब 12 बजे पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद पुलिस ने SDRF को सूचना दी। करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने घटनास्थल से 30 मीटर की दूरी पर नदी में से शव को बाहर निकाला। हालांकि तब तक SDRF की टीम नहीं पहुंची थी। देखिए, घटना से जुड़ी PHOTOS… पहले बेटे पर किया हमला, फिर पिता को दबोचा स्थानीय निवासी ओंकार सिंह ने बताया- सुबह करीब 10 बजे घटोद गांव निवासी मुरली गुर्जर (45) बेटों चंद्र प्रकाश (22) और गोलू (20) के साथ चंबल नदी किनारे भेड़ें चरा रहे थे। इसी दौरान पिता-पुत्र नदी के कम गहरे पानी में भेड़ों को नहलाने लगे। तभी अचानक पानी के अंदर से मगरमच्छ निकला। उसने चंद्र प्रकाश पर झपट्टा मारा। चंद्र प्रकाश जैसे-तैसे खुद को बचाने में सफल रहा। मुरली गुर्जर अपने बेटे के पास ही खड़े थे। चंद्र प्रकाश के बचने के तुरंत बाद मगरमच्छ ने मुरली पर हमला कर दिया। उन्हें अपने जबड़ों में दबोचकर गहरे पानी में खींच ले गया। बेटों के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हुए। हमले में घायल हुए चंद्र प्रकाश को तुरंत प्राथमिक इलाज के लिए हॉस्पिटल भेजा गया। 4 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन इटावा डीएसपी ओम प्रकाश ने बताया- घटना की सूचना मिलते ही खातौली और इटावा थाने से पुलिस मौके पर पहुंची। वन विभाग और SDRF की टीम को भी सूचित किया गया। शुरुआत में जरूरी संसाधन न होने के कारण रेस्क्यू में काफी दिक्कतें आईं। स्थानीय ग्रामीण भी अपने स्तर पर नावों के जरिए तलाश में जुटे रहे। आखिरकार करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद SDRF के पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने घटनास्थल से कुछ दूरी पर मुरली के शव को नदी से बाहर निकाल लिया।