कोटा मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद 8 महिलाओं की किडनी फेल और तीन महिलाओं की अब तक मौत हो चुकी है। शनिवार को जेके लोन अस्पताल में एक और पिंकी पत्नी नरेश की तबीयत बिगड़ गई, जिसे मेडिकल कॉलेज के एसएसबी ब्लॉक में शिफ्ट किया गया है। वहीं, जेके लोन में एक और महिला की तबीयत सीजेरियन ऑपरेशन के बाद बिगड़ गई है। इसके बाद जेके लोन अस्पताल की अधीक्षक डॉ. निर्मला शर्मा ने कहा कि हम भी असमंजस में है, हम समझ नहीं पा रहे कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है। इनके पीछे के कारण नहीं मिल पा रहे हैं। इस बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ.नीलेश जैन के पोस्टर पर कालिख पोतकर विरोध जताया। महिला के पेट में 7 महीने के बच्चे की हो चुकी थी मौत पिंकी सुल्तानपुर के पास किशोरपुरा गांव की रहने वाली है, जिसे पहले से दो बच्चियां है। पिंकी के पति नरेश ने बताया कि पिंकी को सात महीने का बच्चा पेट में था, लेकिन बच्चा पेट में ही खत्म हो गया था। 7 मई की रात को पिंकी को लेकर सुल्तानपुर के अस्पताल में पहुंचे, लेकिन वहां से हमें कोटा रेफर कर दिया गया। 8 मई को दोपहर में कोटा के जेके लोन अस्पताल पहुंचे, जहा उसी दिन रात 11 बजे ऑपरेशन किया गया और बच्चे को निकाला गया। उन्होंने आगे बताया कि 9 मई को सुबह तक तो उसकी तबीयत ठीक थी, लेकिन उसके बाद पिंकी को यूरिन आउटपुट बंद हो गया। उसे आईसीयू में लेकर डॉक्टर्स ने इलाज करना शुरू किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। उसे सांस लेने में भी दिक्कत होने लगी। जिसके बाद शनिवार देर शाम को उसे मेडिकल कॉलेज एसएसबी ब्लॉक में भेज दिया गया। मेडिकल कॉलेज SSB ब्लॉक में नए अस्पताल की 4, जेके लोन की 2 महिलाएं भर्ती अब मेडिकल कॉलेज एसएसबी ब्लॉक में नए अस्पताल की 4 और जेके लोन की 2 महिलाएं भर्ती हैं। जबकि नए अस्पताल में ऑपरेट की गई दो महिलाओं को निजी अस्पताल में भेज दिया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा है। ऐसे में तीन मौतों सहित अब तक कुल मामले 11 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं पूरे मामले को 6 दिन हो गए हैं, लेकिन अभी तक जांच कमेटी किसी निर्णय पर ही नहीं पहुंच पा रही है। जेके लोन में एक और महिला की तबीयत बिगड़ी वहीं, दूसरी तरफ जेके लोन अस्पताल में ही शनिवार रात को एक और महिला की तबीयत भी सीजेरियन ऑपरेशन के बाद बिगड़ गई है। ऐसे में उसका आईसीयू में इलाज चल रहा है। आईसीयू में किसी भी बाहरी व्यक्ति को नहीं जाने दिया जा रहा है। पेशेंटस के पास भी सिर्फ एक व्यक्ति को ही अभी अंदर जाने दे रहे हैं। इस महिला का नाम भी पिंकी बताया जा रहा है। पिंकी को दो बार डॉक्टर्स ने ऑपरेशन थियेटर में लिया था और आईसीयू में भी वह बेहोशी की हालत में थी। डिलीवरी केसेज में कई क्रिटिकल मरीज भी होते हैं- डॉ.निर्मला इस बारे में अस्पताल अधीक्षक डॉ.निर्मला से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यहां सभी डिलीवरी के केसेज आते है। इनमें कई क्रिटिकल मरीज भी होते हैं। अभी दो ही मरीजों को यहां से शिफ्ट किया है। वहीं तीसरी मरीज प्रिया को पहले छावनी में उसके घर वाले किसी दाई के पास लेकर गए थे। उसके बाद यहां अस्पताल लाया गया था। उसके हार्ट में भी दिक्कत थी और ऑपरेशन के बाद उसने हार्ट में पेन की बात भी कही थी। किडनी फेल की वजह से नहीं उसकी हार्ट की वजह से मौत हुई है। प्रिसिंपल के पोस्टर पर पोती कालिख दूसरी तरफ रविवार को देहात कांग्रेस कार्यकर्ताओं की तरफ से मेडिकल कॉलेज गेट के पास प्रदर्शन किया गया। इससे पहले कार्यकर्ताओं ने सद्बुद्धि यज्ञ भी किया गया। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग अब भी मामलों को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। लीपापोती करने के लिए डॉक्टरों पर कार्रवाई दिखा दी गई है। जबकि मौतों के पीछे दूसरे कारण है जो ये सामने ही नहीं लाना चाह रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल के इस्तीफे की मांग की और प्रिंसिपल डॉ.नीलेश जैन के पोस्टर पर कालिख पोत दी। कालिख पुते पोस्टर को एसएसबी ब्लॉक के एंटी गेट के पास चिपका दिया गया, हालांकि बाद में गार्डस ने इसे हटा दिया। रागिनी का फिर किया डायलिसिस इधर, एसएसबी ब्लॉक में भर्ती रागिनी का रविवार को फिर डायलिसिस किया गया। उसके बीपी कभी कम तो कभी ज्यादा जा रहा है। हालांकि, डॉक्टर्स का कहना है कि वह रिकवरी मोड में आ चुकी है, लेकिन यूरिन आउटपुट अभी भी शुरू नहीं हो पाया है, ऐसे में उसे खतरे से बाहर नहीं कह सकते। भर्ती मरीजों में से केवल चंद्रकला की स्थिति रिकवर हो चुकी है। उसे यहां से शिफ्ट करने की भी तैयारी की जा रही है। इसके अलावा अभी मरीजों में यूरिन आउटपुट नहीं हो पा रहा है और यही सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है। जयपुर से आए डॉ. धनंजय की देखरेख में इन महिलाओं का इलाज हो रहा है और डायलिसिस की जा रही है। ———— मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… कोटा में सीजेरियन डिलीवरी के बाद एक और मौत:2 की किडनी फेल, रातभर रोती रही मरीज; प्रिंसिपल के पोस्टर पर काला रंग पोता कोटा में जेके लोन हॉस्पिटल में भी सीजेरियन डिलीवरी के बाद एक महिला की मौत हो गई है। वहीं 2 महिलाओं की किडनी फेल हो गई है। इससे पहले, कोटा मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में 2 महिलाओं की मौत और 6 की किडनी फेल हो चुकी है। (पूरी खबर पढ़ें…)
