डीग जिले में किसानों को सहकारिता एवं कृषि योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के उद्देश्य से सोमवार को एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला कलेक्टर मयंक मनीष की अध्यक्षता में पंचायत समिति सभागार में हुई इस बैठक में विभागीय अधिकारियों को कृषक कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) धारक किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) से जोड़ने के लिए विशेष कैंप लगाए जाएं। इन कैंपों के माध्यम से किसानों को केवल फसल बीमा ही नहीं, बल्कि कृषि विभाग की अन्य योजनाओं जैसे फार्म पॉन्ड और तारबंदी योजना में भी मौके पर ही पंजीकृत किया जाएगा। उन्होंने योजनाओं की प्रगति की बैंक-वार और ब्लॉक-वार सटीक जानकारी रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि प्रति सप्ताह कितने नए लाभार्थी इन योजनाओं से जुड़े, इसका विस्तृत डेटा मासिक बैठकों के एजेंडे में शामिल किया जाए ताकि प्रगति की निगरानी हो सके। इसके अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने ग्राम चौपालों में किसानों को उर्वरकों की व्यवस्था और उपयोग सहित अन्य विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी देने के निर्देश दिए। प्राथमिक कृषि ऋणदात्री सहकारी समितियों (पैक्स) को अधिक साधन-संपन्न और जनोपयोगी बनाने पर जोर देते हुए, कलेक्टर ने पैक्स की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। ग्रामीण स्तर पर डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए पैक्स को ई-मित्र के रूप में विकसित कर संचालित करने के निर्देश भी दिए गए। किसानों को उचित दर पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के लिए जिले के लिए स्वीकृत 10 कस्टम हायरिंग सेंटर्स को स्थापित कर क्रियाशील करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, सहकार भवन के लिए शीघ्र उपयुक्त भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
