बाड़मेर में किसान ने आरोपी के घर के आगे खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। वह 90 प्रतिशत तक झुलस गया। आरोपी ने 8 साल पहले किसान से 20 बीघा जमीन रजिस्ट्री करवाई थी। उस समय 10 लाख रुपए दिए थे और 10 लाख बाद में देने की बात कही थी। किसान लक्ष्मीदान (55) को लंबे समय बाद भी रुपया मिला नहीं तो उसने आत्मदाह का प्रयास किया। आग की लपटों के बीच घिरा लक्ष्मीदान चिल्लाने लगा तो आस-पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाकर उसे हॉस्पिटल पहुंचाया। सूचना पर पुलिस हॉस्पिटल में बयान लेने पहुंची तो किसान बातचीत करने की स्थिति में नहीं था। मामला बाखासर थाना इलाके के साता गांव में गुरुवार सुबह 9 बजे का है। गांव से 15 किलोमीटर दूर पेट्रोल लेकर पहुंचा जानकारी के अनुसार सुहाणी गांव निवासी लक्ष्मीदान ने साल 2019 में साता गांव निवासी भंवरदान को 40 बीघा जमीन 20 लाख रुपए में बेच दी थी। 10 लाख रुपए मिलने के बाद ही लक्ष्मीदान ने रजिस्ट्री कर दी, लेकिन बाकी के रुपए नहीं मिले। इसे लेकर भंवरदान और लक्ष्मीदान के बीच आठ साल से विवाद चल रहा था। परिजनों ने आरोप लगाया कि भंवरदान न तो रुपए दे रहा था और न ही लक्ष्मीदान को वह जमीन में घुसने दे रहा था। इसी से परेशान होकर लक्ष्मीदान गुरुवार को 15 किलोमीटर दूर साता गांव पेट्रोल लेकर पहुंचा। यहां भी जमीन को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। इसके बाद लक्ष्मीदान ने भंवरदान के घर के बाहर ही अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा ली। आग की लपटों के बीच घिरा लक्ष्मीदान चिल्लाने लगा तो आस-पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाकर उसे हॉस्पिटल पहुंचाया।
एक दिन पहले जमीन पर जाने से रोका था बाखासर थानाधिकारी राजूराम ने बताया कि लक्ष्मीदान के जमीन बेचने के बाद भाइयों को पता चला तो उन्होंने इसका विरोध किया। उसे बताया कि काफी सस्ते में जमीन बेची है। इसके बाद वह जमीन लौटाने की भी गुहार करता रहा। इधर, भंवरदान ने बाकी रुपए भी नहीं दिए, जिससे लक्ष्मीदान परेशान रहने लगा। इसे लेकर इनके बीच पहले भी पंचायत हुई थी लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि करीब दो दिन पहले भंवरदान जेसीबी लेकर जमीन की सफाई करने लगा। इस पर लक्ष्मीदान ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसे वहां भी नहीं आने दिया।