बांसवाड़ा जिले में बारूद गोदाम हटाने की मांग को लेकर निवर्तमान सरपंच के साथ ग्रामीण धरने पर बैठ गए। बारूद से भरी पिकअप को रोक लिया। सूचना पर पहुंचे आंबापुरा SHO ने कहा- सुन लेना सरपंच, रोड नहीं रोक सकते हो। मुकदमा दर्ज हो जाएगा, गरीब जनता फंस जाएगी। इस पर निवर्तमान सरपंच प्रदीप निनामा ने कहा- बारूद गोदाम घनी आबादी में चल रहा है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसे दूसरी जगह शिफ्ट किया जाना चाहिए। मामला आंबापुरा थाना क्षेत्र के नवाखेड़ा गांव का है शनिवार का है। इसका वीडियो आज सामने आया है, जिसमें पुलिस और निवर्तमान सरपंच बहस करते नजर आ रहे हैं। पुलिस ने गोदाम संचालक नानूराम गुर्जर की रिपोर्ट पर प्रदीप निनामा सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। विरोध प्रदर्शन के PHOTOS 2016 से गांव में बना है बारूद गोदाम आंबापुरा थाना क्षेत्र के नवाखेड़ा गांव में वर्ष 2016 से बारूद का गोदाम बना है। गोदाम के आसपास लगातार बढ़ती आबादी को देखते हुए ग्रामीण इसे हटाने की मांग कर रहे हैं। निवर्तमान सरपंच प्रदीप निनामा के साथ ग्रामीणों ने शनिवार सुबह 9 बजे बारूद से भरी पिकअप को नवाखेड़ा गांव में रोक लिया। प्रदीप निनामा और ग्रामीणों ने बाइक सड़क पर खड़ी कर धरने पर बैठ गए। करीब 3 घंटे बाद आंबापुरा थानाधिकारी निर्भय सिंह पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। थानाधिकारी ने प्रदीप निनामा से कहा- सुन लेना सरपंच रोड नहीं रोक सकते हो। मुकदमा दर्ज हो जाएगा, गरीब जनता फंस जाएगी। थोड़ी देर बाद आबापुरा तहसीलदार भी पहुंचे और दोपहर बाद ग्रामीणों से समझाइश कर दोपहर 1 बजे धरना खत्म करा दिया। 4 घंटे तक पूरा घटनाक्रम चला। अब पढ़िए … मामले में किसने क्या कहा निवर्तमान सरपंच पर धमकाने और रुपए मांगने का आरोप थानाधिकारी निर्भय सिंह ने बताया – गोदाम संचालक नानूराम गुर्जर की रिपोर्ट पर प्रशासक प्रदीप निनामा सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि बारूद से भरे वाहन को रोककर ड्राइवर के साथ अभद्रता की गई। साथ ही आए दिन धमकाने और पैसों की मांग करने के भी आरोप लगाए गए हैं। पुलिस के अनुसार इससे पहले भी ऐसे मामलों को लेकर प्रदीप निनामा को आबापुरा तहसीलदार के समक्ष पाबंद कराया जा चुका है। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है। प्रदीप निनामा का कहना है कि बारूद गोदाम घनी आबादी के बीच है, जिससे भविष्य में बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए गोदाम को आबादी क्षेत्र से हटाया जाना जरूरी है और इसी मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन किया जा रहा है। संचालक बोला-मेरे पास लाइसेंस गोदाम संचालक नानूराम गुर्जर का कहना है कि उनके पास वर्ष 2016 से वैध लाइसेंस है और वह मध्यप्रदेश, गुजरात तथा राजस्थान में आपूर्ति के लिए नियमानुसार गोदाम संचालित करते हैं। उनका आरोप है कि कुछ लोग लगातार परेशान करते हैं और पैसों की मांग करते हैं। तहसीलदार राकेश रावत ने बताया- सूचना पर मौके पर गया था। ग्रामीणों ने मुझे ज्ञापन सौंपा है, जिसकी जांच चल रही है। समझाइश के बाद ग्रामीण शांत हो गए थे।
