शादी के बाद बॉयफ्रेंड से अवैध संबंध रखने के एक मामले में जयपुर की फैमिली कोर्ट ने तलाक का फैसला सुनाया है। कोर्ट ने 3 सितंबर को अपने आदेश में कहा- विवाह के बाद भी युवती ने बॉयफ्रेंड से संबंध बनाए रखे। पति के साथ संबंध नहीं बनाए। यह पति के प्रति गंभीर मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आता है। जांच में अवैध संबंध साबित होने पर कोर्ट ने पति की याचिका को सही ठहराया। जज ने तलाक की डिक्री जारी करने के आदेश दिए हैं। मामला जयपुर के रहने वाले युवक और सीकर की युवती से जुड़ा है। शादी के बाद से प्रताड़ना, 10 लाख की डिमांड जयपुर के युवक की सीकर की युवती से 3 फरवरी 2020 को शादी हुई थी। आरोप था कि शादी के बाद से ही पत्नी का व्यवहार पति के प्रति कठोर था। उसने पति के साथ शारीरिक संबंध बनाने से इनकार कर दिया था। फिर सीकर के महिला थाना में उसके खिलाफ दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज करवा दिया। पति का आरोप था कि पत्नी किसी अन्य व्यक्ति से प्रेम करती है। शादी के बाद भी उसी से जुड़ी हुई है। पति ने सबूत में मोबाइल चैट, फोटो और वीडियो दिए। उसने कहा कि पत्नी ने उसे धमकाया और 10 लाख रुपए की मांग की। पहले से संबंध और सगाई टूटने की जानकारी युवती का विवाह से पहले ही अन्य युवक से नजदीकी संबंध था। नाराज बॉयफ्रेंड की पत्नी ने 2017 में थाना दातारामगढ़ (सीकर) में उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई थी। सीकर महिला थाना पुलिस की जांच में आरोप सही मिले थे। साल 2019 में भी लड़की की सगाई किसी अन्य युवक से तय हुई थी। लेकिन वो भी अवैध संबंधों के कारण टूट गई थी। कोर्ट ने माना कि युवती ने शादी के बाद भी बॉयफ्रेंड से संबंध रखा। कोर्ट को पति ने बताया कि पत्नी फरवरी 2020 में ससुराल छोड़कर चली गई थी। उसने अपना पूरा स्त्रीधन भी ले लिया था। युवती का आरोप – पति पर नशे में मारपीट करता वहीं, युवती का कहना था कि- पति के आरोप गलत हैं। उसका अवैध संबंध नहीं है। पति शराब पीने का आदी था और अक्सर मारपीट व गाली-गलौज करता था। शादी के कुछ हफ्तों बाद ही पति ने नशे की हालत में उसे घर से निकाल दिया था। मोबाइल छीनकर उसमें एडिटिंग कर अश्लील साइटों से जोड़कर बदनामी की। युवती का आरोप था कि- उसका स्त्रीधन अब भी ससुराल में है। पति के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर कोर्ट ने पुनः जांच के आदेश दिए थे। 6 अहम सबूत और गवाहों से केस हुआ स्ट्रॉन्ग सुनवाई के दौरान पत्नी के खिलाफ 6 सबूत अहम रहे। जिनमें- एफआईआर की कॉपियां, फोटो, वीडियो और चैट रिकॉर्ड शामिल था। पुलिस की रिपोर्ट में लिखा था कि शादी के बाद पत्नी केवल 16-17 दिन ही ससुराल में रही। इस दौरान पति ने उसका ध्यान रखा। रिपोर्ट में यह भी दर्ज था कि युवती शादी से पहले ही एक अन्य व्यक्ति से प्रेम करती थी। शादी के बाद भी उसी के संपर्क में थी। ससुराल पक्ष ने न तो दहेज की मांग की और न ही किसी तरीके से प्रताड़ित किया। बॉयफ्रेंड की पत्नी ने 2 बार कराई एफआईआर याचिकाकर्ता के वकील उमाशंकर आचार्य ने बताया कि बॉयफ्रेंड की पत्नी ने उसके खिलाफ अवैध संबंधों के खिलाफ दो बार FIR दर्ज करवाई। पहली बार 2017 में सीकर के थाना दातारामगढ़ में जांच हुई थी। इसमें सामने आया कि पति को छोड़ने के लिए महिला ने 5 लाख रुपए की डिमांड की थी। दूसरी बार फिर से 2019 में सीकर में बॉयफ्रेंड की पत्नी ने मुकदमा दर्ज कराया। अवैध संबंध से परेशान होकर उससे तलाक ले लिया। सुनवाई के दौरान पत्नी ने माना कि वह उस व्यक्ति को शादी से पहले से जानती थी। हालांकि, अवैध संबंध होने से इनकार किया। उसने सभी सबूतों को झूठा बताया। हालांकि, गवाहों के बयान और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से यह साबित हुआ कि युवती ने शादी के बाद भी उस व्यक्ति से संबंध बनाए रखे। विवाह के बाद अनैतिक संबंध गंभीर मानसिक क्रूरता – कोर्ट अदालत ने कहा कि पत्नी के आरोप झूठे हैं। यह साबित हुआ कि युवती का किसी अन्य व्यक्ति से संबंध था। विवाह के बाद भी उसने यह संबंध बनाए रखे और पति के साथ वैवाहिक संबंध नहीं बनाए। यह पति के प्रति गंभीर क्रूरता की श्रेणी में आता है। इस कारण दोनों का एक छत के नीचे रहना संभव नहीं है। क्योंकि विवाह पति-पत्नी के बीच एक पवित्र रिश्ता होता है। दोनों किसी दूसरे पुरुष या महिला से अनैतिक संबंध बनाता है तो इससे दूसरे के लिए मानसिक क्रूरता जैसा है। यह रिश्ते को असहनीय बना देता है। अदालत ने पति की याचिका को सही मानते हुए तलाक की याचिका मंजूर की। …. पति-पत्नी के रिश्तों से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… पत्नी ने बीमारी छिपाकर शादी की,हाईकोर्ट ने शून्य किया विवाह:पति के खिलाफ दर्ज दहेज के सभी केस खत्म होंगे, कोर्ट ने कहा- स्पष्ट धोखाधड़ी हुई राजस्थान हाईकोर्ट (जयपुर की डिविजनल बेंच) ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया। कोर्ट ने मानसिक बीमारी (सिजोफ्रेनिया) से पीड़ित महिला का विवाह निरस्त (शून्य) कर दिया है। पूरी खबर पढ़िए…