पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने एक बार फिर जुलाई 2020 के सियासी संकट को लेकर बीजेपी और विरोधियों पर निशाना साधा है। गहलोत ने कहा- सरकार गिराने के लिए हर विधायक का 35 करोड़ का सौदा राजस्थान सहित हुआ था। लोगों को एडवांस्ड दे दिए थे। 10 करोड़ एडवांस दे दिए थे, वापस नहीं लिए। देश में क्या हो रहा है, कोई बोल नहीं रहा है। गहलोत जयपुर में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। गहलोत ने कहा- बीजेपी सरकार हॉर्स ट्रेडिंग से सरकारें गिरवाती है। हमें गर्व है कि हमने राजस्थान को बचा लिया था। राजस्थान बच गया। बीजेपी,अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान ने कोई कमी नहीं रखी थी। उस वक्त हमारे विधायकों की मीटिंग ही उनके घर पर होती थी। हमारे विधायक धर्मेंद्र प्रधान के घर मीटिंग करने मानेसर से जाते थे। अमित शाह वहां आते थे। इन्होंने इतना बड़ा षड्यंत्र किया था। हमने इनको एक्सपोज कर दिया। बीजेपी को लगा उनके विधायक नहीं टूट जाएं गहलोत ने कहा- इन्होंने दो हवाई जहाज विधायकों को लेने के लिए भेजे थे, जिनमें से एक हवाई जहाज खाली गया था। तब इनको समझ में आ गया था कि भाजपा के ही विधायक टूट रहे हैं। कहीं उल्टा नहीं हो जाए। तब डर के मारे ये वापस हो गए। जो बंगाल में तमाशा हो रहा है, हम तो उसी से जोड़कर देख रहे हैं। डर और भय का माहौल है। बंगाल में भी हॉर्स ट्रेडिंग हो रही होगी। नेता दूसरों की लाइनें काटकर खुद की बड़ी कर रहे गहलोत ने कहा- राजनीति में आगे बढ़ने के लिए खुद की लाइन बड़ी करनी पड़ती है। दुर्भाग्य से राजनीति में क्या हो गया कि दूसरे की लाइन को काटो। अपनी लाइन बड़ी बताओ का चलन हो गया। बाद में सब फेल हो जाता है। आगे वही बढ़ेगा जो लाइन को बड़ी करने का प्रयास करेगा। नेताओं को चाहिए कि अपनी लाइन बड़ी करें। आप दिन रात एक करें, गांव में जाएं, गरीबों के बीच में जाएं, गरीब बस्तियों में जाएं, शेड्यूल कास्ट की बस्तियों में जाएं। कांग्रेस की परंपरा थी, वह सब खत्म हो गई है। हमें तो जिंदगी में सब कुछ मिल गया गहलोत ने कहा- हमें तो जिंदगी में सब कुछ मिल गया। हम संतुष्ट हैं, खूब काम किए। हमें खूब चांस मिले। गांधी परिवार का मेरे पर पूरा विश्वास रहा। हमें तो सब कुछ मिल गया। हम यह उम्मीद करते हैं कि आने वाली पीढ़ी देश की मजबूती में अपने आप को समर्पित कर सके। मुख्यमंत्री हमारी शुभकामनाएं और शिकायतें दोनों ही लें गहलोत ने कहा- सरकार चला कौन रहा है, यह पता ही नहीं लग पा रहा है। सरकार उनकी पार्टी चला रही है, सीएम को गाइड कौन कर रहा है। मुख्यमंत्री लकी हैं कि पहली बार विधायक बनकर सीएम बन गए। हमारी शुभकामनाएं उनके साथ हैं। मुख्यमंत्री शुभकामनाएं तो स्वीकार करते हैं। शिकायत करता हूं तो आलोचना करते हैं। दोनों साथ-साथ करो। हमारी शुभकामनाएं और सुझाव भी लो और साथ में अगर कोई गलत बात कहे तो उसकी आलोचना भी करो। उसे ऐतराज नहीं, लेकिन यहां तो एक तरफा मामला चल रहा है ।
