अक्षय पात्र की ओर से मिड-डे मील सप्लाई किए जाने वाले 280 विद्यालयों में कुक-कम हेल्पर का मानदेय बिना पूर्व सूचना के अचानक 50 फीसदी कम कर दिए गया है। इससे इन कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया है। तीन साल पहले वर्ष 2022 के आदेश को आधार बनाकर राशि कम करने को लेकर गुरुवार को राजस्थान पंचायती राज माध्यमिक शिक्षक संघ और कुक-कम हेल्पर के संयुक्त तत्वावधान में जिला कलेक्ट्रेट के बाहर दो घंटे तक धरना प्रदर्शन किया गया। इसके बाद संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शेर सिंह चौहान के नेतृत्व में एडीएम जितेंद्र ओझा को ज्ञापन सौंपकर पूरा मानदेय दिलाने की मांग की गई। ^सभी जगह इस आदेशों के आधार पर ही ये राशि जारी की है। इस बार लेखा शाखा की ओर से यह राशि काटकर देने का निर्णय लिया है। आदेश पुराना जरूर है, लेकिन सभी जिलों में इसी आधार पर राशि की जा रही है। हम सरकारी आदेश के ऊपर तो नहीं जा सकते। -चंद्रशेखर जोशी, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा ये जो मानदेय में कटौती की गई है, वह 2022 का आदेश है। तत्कालीन आयुक्त डॉ. मोहन लाल यादव की ओर से जारी इस परिपत्र के अनुसार कुक-कम-हेल्परों को पूरा मानदेय तभी मिलेगा, जब वे भोजन पकाने के साथ-साथ परोसने और बर्तनों की सफाई का काम भी करेंगे। केवल भोजन पकाया जाता है तो मानदेय की दर का केवल 50% ही भुगतान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, एमएमई (मैनेजमेंट मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन) मद की 50% राशि विद्यालय स्तर पर स्टेशनरी, बर्तन मरम्मत और कुक के प्रशिक्षण जैसे कामों पर व्यय की जा सकेगी। जिले के गिर्वा, शहर और बड़गांव ब्लॉक के 280 स्कूलों के सैकड़ों कुक-कम हेल्पर ने मांग की है कि जिन स्कूलों में अक्षय पात्र की ओर से मिड-डे मील सप्लाई किया जाता है, वहां के कुक-कम हेल्पर को शिक्षा विभाग द्वारा अगस्त 2025 से पांच माह तक 2298 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा था। लेकिन, 2022 के एक आदेश का हवाला देते हुए जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक कार्यालय ने बिना किसी पूर्व सूचना के ही मानदेय घटाकर 1149 रुपये कर दिया। अब वे इतने कम मानदेय में काम करने को तैयार नहीं हैं। चौहान ने बताया कि वर्तमान में ऐसा कोई आदेश नहीं आया है जिसमें कुक-कम हेल्पर का मानदेय कम करने के निर्देश हों। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन में समाधान नहीं हुआ तो जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शन में सतीश जैन, भैरूलाल कलाल, चंद्रशेखर परमार, कमलेश शर्मा, प्रेमसिंह भाटी, गजेंद्र शर्मा, सुभाष विश्नोई, ज्योति शर्मा, मनिषा भाटी, प्रेम कुमावत, दुर्गा मीना, रेखा मीना, रेणु चौबीसा सहित बड़ी संख्या में कुक-कम हेल्पर और शिक्षक मौजूद रहे।