11 अरब 68 करोड़ के घाटे में चल रहे डिस्कॉम की बाड़मेर जिले में उपभोक्ताओं से इस साल की दूसरी तिमाही तक 1 अरब 44 करोड़ 55 लाख की वसूली अटकी हुई है। इसमें नियमित उपभोक्ताओं से 1 अरब 67 लाख 51 हजार का बकाया है। स्थायी रूप से कनेक्शन कटे उपभोक्ताओं से 35 करोड़ 34 लाख की वसूली शेष है। इस वित्तीय वर्ष में अप्रैल से नवंबर तक डिस्कॉम का बकाया 25 करोड़ 42 लाख पहुंच गया है। डिस्कॉम के बाड़मेर डिवीजन में सबसे अधिक 1 अरब 7 करोड़ 98 लाख तथा धोरीमन्ना डिवीजन में 36 करोड़ 53 लाख का उपभोक्ताओं से बकाया है। गडरारोड सब डिवीजन बकाया वसूली में सबसे पीछे है। यहां 28 करोड़ 69 लाख की वसूली उपभोक्ताओं में अटकी पड़ी है, जबकि उपभोक्ताओं की संख्या 25 हजार 896 ही है। अप्रैल से नवंबर तक गडरारोड में 6 करोड़ 55 लाख का बकाया और बढ़ा। इस वित्तीय वर्ष में सरकारी विभागों से कुल 21 करोड़ 39 लाख का बकाया है। इसमें सबसे अधिक पीएचईडी में 15 करोड़ 48 लाख रुपए बकाया है। भास्कर एक्सप्लेनर – जिले के सरकारी विभागों में सबसे अधिक पीएचईडी में 15 करोड़ 47 लाख बकाया सरकारी विभागों में 21 करोड़ 39 लाख का बकाया है। सबसे अधिक बकाया पीएचईडी में 15 करोड़ 47 लाख है। सबसे पुराना बकाया नगर परिषद से 2 करोड़ 88 लाख है। केंद्र सरकार के विभागों से 1 करोड़ 7 लाख, जिला प्रशासन से 53 लाख 57 हजार, ग्राम पंचायतों से 6 लाख 29 हजार, पुलिस में 3 लाख 66 हजार, रोडवेज, सरकारी विद्यालयों व हॉस्पिटल्स से 1 करोड़ 32 लाख का बकाया लंबे समय से है। डिस्कॉम की ओर से 8 सब डिवीजन का कुल 1 अरब 7 करोड़ 98 लाख का बकाया है। धोरीमन्ना डिवीजन का कुल बकाया 36 करोड़ 53 लाख पहुंच गया है। गडरारोड का कुल 28 करोड़ 69 लाख का बकाया है। इस साल अप्रैल से नवंबर तक 6 करोड़ 55 लाख बकाया रहा। दूसरे नंबर पर चौहटन में उपभोक्ताओं से 21 करोड़ 18 लाख का बकाया है। इस वर्ष में भी बकाया 2 करोड़ 96 लाख हो चुका है। शहर द्वितीय का बकाया 18 करोड़ 15 लाख है, जिसमें इस साल के 3 करोड़ 76 लाख, शिव में 11 करोड़ 10 लाख में इस साल के 3 करोड़ 72 लाख रुपए बकाया और जुड़ गए हैं। भियाड़ में 12 करोड़ 26 लाख, रामसर में 10 करोड़ 62 लाख, बाड़मेर शहर प्रथम में 4 करोड़ 35 लाख तथा बाड़मेर ग्रामीण में 1 करोड़ 60 लाख का बकाया है। भास्कर एक्सपर्ट – बीडी मालू, सेवानिवृत्त एमडी, डिस्कॉम डिस्कॉम को मार्च की शुरुआत से ही रिकवरी में लगना चाहिए ताकि समय पर उपभोक्ता भुगतान कर सकें। समय पर रुपए नहीं आने से डिस्कॉम का घाटा बढ़ता जा रहा है। इसका अप्रत्यक्ष प्रभाव उपभोक्ताओं पर ही पड़ेगा और उपभोक्ताओं को बिजली महंगी मिलेगी। डिस्कॉम अधिकारियों को सामान्य उपभोक्ताओं व सरकारी विभागों से तालमेल बिठाते हुए समय पर रिकवरी करनी चाहिए। सरकारी विभागों में पीएचईडी का बकाया अधिक है। पीएचईडी व डिस्कॉम के अधिकारियों को आपस में मिलकर बिलों में सुधार करना चाहिए ताकि समय पर रेवेन्यू मिल सके और डिस्कॉम घाटे से उबर सके। जिन कनेक्शनों को काटा गया है, उन स्थानों पर नए कनेक्शन जारी करने से पहले पुराने बकाया की वसूली करनी चाहिए, नहीं तो नए कनेक्शन जारी ही न करें। फैक्ट फाइल जिले में उपभोक्ता: 447237नियमित कनेक्शन: 389489कटे कनेक्शन: 57748घरेलू उपभोक्ता: 355803अघरेलू उपभोक्ता: 26532कृषि उपभोक्ता: 58440 “पीएचईडी में डिस्कॉम के 15 करोड़ 47 लाख के बिजली बिल की जानकारी नहीं है। बिलों का भुगतान एक्सईएन व एईएन की ओर से किया जाता है। सब डिवीजन स्तर से बिलों में गड़बड़ी की शिकायतें भी मिलती रहती हैं। डिस्कॉम व पीएचईडी के अधिकारी आपस में बैठकर बिलों में सुधार करें।” -हजारीराम बालवां, एसई, पीएचईडी
