पशुधन को आजीविका और खेती से जोड़ते हुए पहली बार राजस्थान में बैलों से खेती करने पर सरकार की ओर से 30 हजार रुपए का अनुदान दिया जाएगा। इस योजना को लेकर प्रदेश के किसानों में भारी उत्साह दिखा। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 55 हजार से ज्यादा किसानों ने प्रोत्साहन राशि लेने के लिए आवेदन किए। मगर सत्यापन में सिर्फ 912 किसानों को ही पात्र माना गया है। इन्हें जल्द ही अनुदान मिलेगा। विभाग को मिले आवेदनों में 4816 आवेदन स्वीकृत किए गए थे। जबकि 48867 आवेदनों में कई प्रकार की कमियां मिली। सही पाए गए आवेदनों में भी भौतिक सत्यापन करने पर फिलहाल 912 किसानों को पात्र माना गया। पहले चरण में इनके खाते में 30 हजार रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे। ये किसान सिर्फ चार जिलों के हैं। बांसवाड़ा के 142, डूंगरपुर के 540, राजसमंद के 72 और उदयपुर जिले के 158 किसानों ने सभी शर्तें पूरी की हैं। जबकि आवेदन करने में दक्षिणी राजस्थान के किसान सबसे आगे रहे। डूंगरपुर पूरे प्रदेश में 12740 आवेदनों के साथ पहले स्थान पर है। वहीं, बांसवाड़ा 11667 आवेदनों के साथ दूसरे और उदयपुर 10990 आवेदनों के साथ तीसरे स्थान पर है। इन तीन जिलों से ही 60% आवेदन हो गए। इसके विपरीत, पश्चिमी राजस्थान में सर्वाधिक गोवंश होने के बावजूद आवेदनों में किसानों ने बेरुखी दिखाई। धौलपुर, नागौर और श्रीगंगानगर जैसे जिलों से केवल 1-1 आवेदन ही प्राप्त हुए। बैलों पर आश्रित खेती करने वाले जिलों में चित्तौड़गढ़ से 3865, झालावाड़ से 3581, राजसमंद से 2586, प्रतापगढ़ से 2,488, भीलवाड़ा से 2385, सलूंबर से 1964, सिरोही से 1259, पाली से 514, ब्यावर से 324, बारां से 324, बूंदी से 194, करौली से 151, जालोर से 107, कोटा से 53, अजमेर से 51, टोंक से 44, सवाई माधोपुर से 39, दौसा से 32, जयपुर से 32, बाड़मेर से 21 व कोटपूतली-बहरोड़ के 19 किसानों ने अनुदान के लिए आवेदन किया। योजना लघु- सीमांत की, दूसरे आवेदन भी आए योजना में लघु एवं सीमांत किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना था लेकिन बड़े किसानों ने भी आवेदन कर दिए। जहां ट्रैक्टरों की पहुंच सुगम है, वहां आवेदन कम हैं, लेकिन पहाड़ी इलाकों से आवेदन ज्यादा हुए हैं। कई जिलों में आवेदन दस भी नहीं हुए। इनमें अलवर में 9, खैरथल-तिजारा में 8, जैसलमेर में 7, चूरू में 5, सीकर में 5, फलोदी में 4, जोधपुर में 4, बालोतरा में 3, बीकानेर में 3, डीडवाना कुचामन में 3, झुंझुनूं में 2 आवेदन शामिल हैं।