राज्य सरकार के आदेश को नहीं मानकर बारां कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने एक्सईएन भुवनेश कुमार मीणा को आयुक्त की जिम्मेदारी दे रखी है। 18 अक्टूबर को बारां नगर परिषद के तत्कालीन आयुक्त मोतीशंकर नागर को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा। नागर की गिरफ्तारी के बाद कलेक्टर ने डीएलबी की अनुमति के बिना 29 अक्टूबर को अधिशासी अभियंता भुवनेश कुमार मीणा को आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दे दिया। डीएलबी ने 17 नवंबर को कलेक्टर की ओर से 28 अक्टूबर को जारी आदेश को निरस्त कर दिया, लेकिन 47 दिन बाद भी भुवनेश मीणा ही आयुक्त का काम कर रहे हैं। चार्ज में ये काम: 850 पट्टे, 10 कॉलोनियों का कन्वर्जन और 5 करोड़ के टेंडर दिए अतिरिक्त चार्ज के बाद मीणा ने कई प्रशासनिक और वित्तीय निर्णय लिए। इस दौरान 850 पट्टे जारी किए व 10 कॉलोनियों के कन्वर्जन को मंजूरी दी। करीब 5 करोड़ रुपए के टेंडर करके वर्कऑर्डर दिए। “भुवनेश कुमार मीणा को मैंने अतिरिक्त चार्ज दिया था। अगर डीएलबी ने मेरा आदेश निरस्त कर दिया है तो यह विभाग उन्हीं का है। चार्ज भी वे ही किसी को देंगे। दोबारा मैंने कोई आदेश नहीं निकाला है।” -रोहिताश्व सिंह तोमर, कलेक्टर, बारां “कलेक्टर का आदेश निरस्त करने संबंधी डीएलबी का आदेश मुझे या कलेक्टर को नहीं मिला। यह केवल मौखिक है। अगर मुझे हटाने के आदेश होते तो किसी को तो यहां लगाया जाता? डीएलबी आज भी मुझे आयुक्त मानकर ही काम करवा रही है।” -भुवनेश कुमार मीणा, एक्सईएन, कार्यवाहक आयुक्त
