शहर में ऑनलाइन ठगी और बैंक खातों की अवैध खरीद-फरोख्त का बड़ा नेटवर्क सामने आया है। सुखेर थाना पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग के जरिए ठगी करने वाले 4 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस अब फरार मास्टरमाइंड सौरभ उपाध्याय और सुमित चंदेल की तलाश में जुटी है। चौंकाने वाली बात यह है कि इन चारों को भीलवाड़ा और कोटा के दो बड़े ठगों ने तैयार किया था, जो पर्दे के पीछे से पूरे खेल को संचालित कर रहे थे और फिलहाल फरार हैं। गिरफ्तार चारों आरोपी बीते 3 महीनों से जिले के सोनारिया गांव में किराये के मकान में रहकर गेमिंग और सट्टे की आड़ में लोगों को ठग रहे थे। ठगी की रकम वे कमीशन पर लिए गए बैंक खातों में मंगवाते और फिर एटीएम से नकद निकाल लेते थे। सोनारिया गांव में ऑनलाइन सट्टा और ठगी की सूचना पर पुलिस ने दबिश दी। मकान की पहली मंजिल पर एक कमरे में चार युवक मोबाइल और लैपटॉप पर सक्रिय रूप से ठगी करते मिले। मौके से पटेल नगर, भीलवाड़ा के विशाल यादव, चंद्रशेखर आजाद नगर-भीलवाड़ा के विजयसिंह सिसोदिया, भीलवाड़ा की ही लेबर कॉलोनी के परवेज खान और कोटा के महावीर नगर के मनीष राठौड़ को गिरफ्तार किया है। 46 मोबाइल, 42 सिम, 16 पासबुक, 9 चेकबुक व 26 एटीएम बरामद आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि भीलवाड़ा का सौरभ उपाध्याय और कोटा का सुमित चंदेल इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड हैं। चारों आरोपी 20 विकिट्स, ऑस्टिन 777, बेटभेग डॉट रेड, आइस 247 और एसकेके एक्स जैसी वेबसाइट्स के जरिए लोगों को जाल में फंसा रहे थे। मौके से 11 बैंकों के 36 खाताधारकों के एटीएम कार्ड बरामद हुए। ये इन्हें सौरभ और सुमित ने ही उपलब्ध कराए थे। इसके अलावा मोबाइल, लैपटॉप, बैंक दस्तावेज, ऑनलाइन सट्टे के लिंक, आईडी और पासवर्ड भी मिले। चारों आरोपी काम के बदले में कमीशन पाते थे। रकम निकालने के बाद खाताधारकों को उनका हिस्सा भेजा जाता था। इतनी बरामदगी 46 मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप, तीन कंपनियों के 42 सिम कार्ड, 5 बैंकों की 9 चेकबुक, 5 बैंकों के 16 खाता धारकों की 16 पासबुक, ₹20 हजार 500 रुपए। बरामद चेकबुक-पासबुक व एटीएम इनके, तलाश में जुटी पुलिस इनके एटीएम कार्ड बरामद इनके नाम की चेकबुकें इन 16 की पासबुक
