आरपीएससी की व्याख्याता भर्ती परीक्षा 2018 में लेक्चरर बने अशोक कुमार ने चितलवाना कॉलेज में भूगोल के प्रोफेसर नरेश सारण से परीक्षा दिलाई थी। यह खुलासा एसओजी जांच में हुआ है। एसओजी को 8 मई को शिकायत मिली कि डेडवा निवासी अशोक कुमार ने डमी अभ्यर्थी बिठाकर परीक्षा पास की है। जांच में सामने आया कि उसने सांगडवा निवासी नरेश कुमार सारण से परीक्षा दिलाई थी। बुधवार को दोनों के विरुद्ध एसओजी ने केस दर्ज कर लिया। अशोक ई-मित्र संचालक था, वहीं नरेश के फोटो से खुद की फोटो मिक्स कर आवेदन किया। वह विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों के ऑनलाइन आवेदन करने का काम करता था। वह कई ऐसे आवेदक जो डमी बिठाकर परीक्षा दिलाते थे, उनकी फोटो को मिक्स कर मॉर्फिंग करता था। भूगोल के प्रोफेसर नरेश की फोटो मॉर्फिंग कर चुका था। वर्ष 2018 में जब व्याख्याता भर्ती निकली तो उसने भी खुद का आवेदन करने की सोची। भास्कर इनसाइट- सभी जगह मॉर्फ फोटो, दस्तावेज सत्यापन में खुद की फोटो लगाई, पोस्टिंग बाड़मेर जिले में ली अशोक ने आवेदन के समय जो फोटो मॉर्फ की, उसे प्रवेश पत्र, उपस्थिति पत्रक में लगाया। जब अशोक का चयन हो गया, तब दस्तावेज सत्यापन के समय खुद की फोटो लगाई, ताकि आगे के सभी रिकॉर्ड में सही फोटो आए। अशोक चितलवाना तहसील में जाखल के पास डेडवा का निवासी है। लेकिन पकड़ में ना आए इसके लिए अपने सर्विस रिकॉर्ड में पता बाड़मेर का दे दिया। इसके अलावा उसने पोस्टिंग भी बाड़मेर में ली। उसने 19 मार्च 2021 को बाड़मेर में गुडामालानी ब्लॉक के पिपराली राउमावि में ज्वॉइन किया।
