सवाई मानसिंह अस्पताल में मरीजों को निशुल्क दवा योजना के तहत दवाएं नहीं मिल रही हैं। मरीज एक से दूसरे काउंटर पर चक्कर काट रहे हैं। अस्पताल में एंटीबायोटिक, एलर्जी, पेट साफ करने, ब्लड शुगर, मिर्गी, अस्थमा, बुखार और कोलेस्ट्राल कम करने सहित कई बीमारियों की 50 से ज्यादा दवाएं काउंटर पर नहीं मिलने के कारण मजबूरन मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रही है। एसएमएस अस्पताल में राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आरएमएससीएल) की ओर से समय पर दवाओं की आपूर्ति नहीं की जा रही है। वही अस्पतालों को माह में एक ही बार एनओसी देने से दवा मिलने में दिक्कत आ रही है। अशोक गहलोत सरकार के समय प्रदेश में संचालित निशुल्क दवा योजना का बजट वर्ष 2011-12 में 195 करोड़ रुपए था, जो अब वर्ष 2025-26 में बढ़कर 2500 करोड़ रुपए पहुंच गया है। फिर भी दवाओं की कमी है। निशुल्क दवा योजना का नाम बदलकर सरकार ने मुख्यमंत्री निशुल्क निरोगी राजस्थान योजना (दवा) कर
दिया है। एसएमएस अस्पताल में ये दवा उपलब्ध नहीं ट्रायक्सीनोलोन – एलर्जी, एक्जिमा एवं सोरायसिस
ट्रेेटिन क्रीम – पिंपल्स या धब्बों को हटाना
एडाप्लीन – कील-मुंहासों को साफ करना
एजेलिक एसिड – स्किन की सूजन, एवं मुंहासों के लिए
लिक्विड पैराफीन – चर्म रोग
प्रीगाबालिन – मिर्गी
लेक्टूलोज सोल्यूशन – पेट साफ
ग्लीमप्राइड – ब्लड शुगर
पैरासिटामॉल टेबलेट – पेन किलर
-( इस तरह की 50 दवाएं शामिल हैं) “अस्पतालों में दवाओं की आपूर्ति के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। इसी माह 500 दवाओं के लिए कार्यादेश जारी किया है। अन्य दवाएं भी जल्द उपलब्ध करवा देंगे।”
-पुखराज सैन, प्रबंध निदेशक, आरएमएससीएल “निशुल्क दवा योजना में शामिल कुछ दवाओं की शोर्टेज चल रही है। कुछ दवाओं की आपूर्ति हो गई है। एनओसी मिलने के बाद गंभीर रोगों की दवाएं पहले खरीदी जा रही है।”
-डॉ. मृणाल जोशी, अधीक्षक, एसएमएस अस्पताल “मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में दवाओं की अनुपलब्धता का कारण आगे से आपूर्ति का नहीं होना है। हम मरीजों की परेशानियों को देखते हुए स्थानीय स्तर पर खरीदते है। आरएमएससीएल को माह में एक की बजाय दो बार एनओसी देने के लिए कहा है ताकि मरीजों को राहत मिले।” -डॉ. दीपक माहेश्वरी, प्राचार्य, एसएमएस मेडिकल कॉलेज