अटलबंद थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। धौलपुर से भरतपुर आई रोडवेज बस ने सड़क किनारे पैदल जाते युवक को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही युवक सड़क पर गिर पड़ा और बस का आगे का पहिया उसके सिर के ऊपर से निकल गया। हादसा इतना भयावह था कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई और सिर के ​चिथड़े सड़क पर बिखर गए।घटना सुबह करीब 11.30 मिनट पर हुई और देखते ही देखते आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद बस चालक वाहन को लेकर भरतपुर केंद्रीय बस स्टैंड पहुंच गया, जहां बस खड़ी कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पहचान 23 वर्षीय सत्येंद्र पुत्र भीखम सिंह निवासी बोरेली, थाना बसेड़ी, धौलपुर के रूप में हुई। सत्येंद्र गुड़गांव में मार्बल का काम करता था और काम से लौटकर अपने घर जा रहा था। इस हादसे ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और लोग सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं। वहीं चालक बस को स्टैंड में खड़ी कर मौके से भाग गया। पुलिस आज उससे पूछताछ करेगी। बसेड़ी का रहने वाला था सत्येंद्र, गाजियाबाद में मार्बल मिस्त्री का काम करता था हादसे में जान गंवाने वाले 23 वर्षीय सत्येंद्र की कहानी बेहद भावुक कर देने वाली है। गुड़गांव होडल में मार्बल का काम करने वाला सत्येंद्र अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत कर रहा था। इधर घरवालों ने उसकी शादी की बात तय कर रखी थी। बसेड़ी थाना क्षेत्र के गांव में लड़की देखी गई थी और दोनों परिवारों की सहमति से रिश्ता पक्का हो गया था। अब बस सगाई की रस्म बाकी थी। पिता भीखम सिंह ने दो दिन पहले ही बेटे को फोन कर घर बुलाया था ताकि सगाई की तैयारी हो सके। इसी खुशी में सत्येंद्र भरतपुर पहुंचा था और धौलपुर जाने वाला था। बस हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। भरतपुर बस स्टैंड मुख्य द्वार के पास हुए हादसे की असली वजह बस का रॉन्ग साइड में आना था। धौलपुर से भरतपुर आ रही रोडवेज बस अपनी लेन छोड़कर दूसरी ओर घुस गई। उसी समय सड़क किनारे पैदल जा रहा युवक सामने से आ रहे ऑटो से बचने की कोशिश में असंतुलित होकर रॉन्ग साइड से आ रही बस के नीचे आ गया। युवक के गिरते ही बस का पहिया उसके सिर के ऊपर से निकल गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि बस चालक अपनी साइड पर रहता तो यह हादसा टल सकता था। बस बिना पीयूसीसी के ही चलाई जा रही था। सितंबर माह में पीयूसीसी एक्सपायर हो चुकी है। इस घटना ने बस चालकों की लापरवाही और सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घना रोड पर ट्रेलर से चाचा-भतीजे की मौत का मामला… सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन से हुई आरोपी ड्राइवर की पहचान बूंदी जिले का है आरोपी ट्रेलर चालक, घटना के बाद बंद कर लिया था फोन
सारस चौराहा क्षेत्र में घना पक्षी विहार के सामने 4 दिसंबर की रात हुए सड़क हादसे में बाइक सवार चाचा-भतीजा की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। हादसे के बाद से अज्ञात वाहन की तलाश जारी थी। पुलिस ने दर्जनों सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आखिरकार उस ट्रेलर की पहचान कर ली, जिसने बाइक को टक्कर मारी थी। शनिवार को पुलिस ने ट्रेलर को जब्त कर लिया और चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। ड्राइवर की पहचान नरेंद्र मीना पुत्र लक्ष्मण मीना निवासी भोजगढ़, जिला बूंदी के रूप में हुई। अनुसंधान अधिकारी एएसआई राधाकिशन ने बताया कि ड्राइवर से घटना के बारे में विस्तृत पूछताछ की जा रही है। गौरतलब है हादसे में चिकसाना के गामड़ी निवासी रूपकिशोर शर्मा उर्फ़ रूपी और भतीजे अमन उर्फ़ छोटू की मौके पर ही मौत हो गई थी। वे भवनपुरा से शादी समारोह में शामिल होकर घर लौट रहे थे तभी यह हादसा हुआ। फोन बंद कर चौकी के सामने से ट्रेलर लेकर भागा ड्राइवर हादसे के बाद से ही पुलिस आरोपी ट्रेलर ड्राइवर से लगातार फोन पर संपर्क कर रही थी। कई बार उसे सारस चौकी बुलाया, लेकिन वह हर बार आना-कानी करता रहा। शनिवार को उसने आने का आश्वासन दिया, मगर बीच रास्ते में फोन बंद कर चौकी के सामने से निकल गया। शाम करीब 5 बजे जब ड्राइवर ने फोन ऑन किया तो लोकेशन खेड़ली मोड़ थाने से आगे मिली। इसके बाद एएसआई राधाकिशन ने लोकेशन ट्रेस कर पीछा किया और बालाजी मोड़ थाना के पास आरोपी ड्राइवर को दबोच लिया।