पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने स्कूली किताबों से आदिवासियों का इतिहास मिटाने को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए माफी मांगने की मांग की है। गहलोत ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मानगढ़ धाम का इतिहास हटाने और कालीबाई का पाठ हटाने को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। गहलोत ने एक्स पर लिखा- जब से भाजपा सरकार में आई है, तब से आदिवासियों के योगदान को हर जगह कमतर दिखाने का प्रयास कर रही है। आदिवासी अस्मिता को लेकर भाजपा की तुच्छ मानसिकता का यह परिचायक है कि चौथी कक्षा की किताब से मानगढ़ धाम के इतिहास को हटाने का काम किया है। कालीबाई का पाठ हटा दिया
गहलोत ने आगे लिखा- इससे पहले, शिक्षा की अलख जगाने वाली वीर कालीबाई का पाठ हटा दिया गया था। भाजपा ने ठान लिया है कि वो आदिवासियों का बलिदान, उनकी गाथाएं लोगों की स्मृतियों से हटा कर ही मानेगी लेकिन आदिवासी समाज का बलिदान इतना कमजोर नहीं है कि उसे किताबों से हटाकर भुलाया जा सकें। स्कूली सिलेबस काे लेकर पहले भी हुई है राजनीति, कांग्रेस लगाती रही है भगवाकरण का आरोप
प्रदेश में स्कूली सिलेबस में बदलाव को लेकर नए सिरे से विवाद शुरू हो गया है। इससे पहले भी स्कूली किताबों में मुगलकाल को जगह देने को लेकर विवाद हुए हैं। सरकार बदलने पर हर बार सिलेबस में बदलाव को लेकर विवाद हुए हैं। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर स्कूली शिक्षा का भगवाकरण करने के आरोप लगाए हैं। पहले जवाहरलाल नेहरू और भारत के प्रधानमंत्रियों से जुड़े चैप्टर पर भी विवाद हुआ था। इस बार आदिवासी इतिहास से जुड़े चैप्टर में बदलाव को विपक्षी दल मुद्दा बनाएंगे।