बाड़मेर डीएसटी टीम ने नशे के कारोबार का बड़ा भंडाफोड़ किया है। 18 माह में एमडी ड्रग बनाने की तीसरी बड़ी फैक्ट्री पकड़ी है। सदर थाना क्षेत्र के आदर्श केरली, आदर्श चवा में एक मकान में 5 दिन पूर्व ही शुरू एमडी फैक्ट्री से बड़ी खेप की सप्लाई को नाकाम किया है। पुलिस ने मकान मालिक को गिरफ्तार किया है। मौके से 39 किलो 777 ग्राम एमडी, करीब 100 किलो केमिकल सहित बड़ी संख्या में मशीनरी, पुर्जे, इलेक्ट्रॉनिक कांटा सहित अन्य सामग्री को जब्त किया है। इस मामले में तीन आरोपियों को नामजद किया है। इस मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो टीम ने मामले की जांच शुरू की है। चौंकाने वाली बात यह है कि महज 2 रात में 85 करोड़ की 40 किलो एमडी तैयार कर दी। पुलिस से बचने के लिए मशीनों के पुर्जे खोल कर खेत में छिपा दिए ताकि पकड़ में नहीं आए। तैयार एमडी को छत पर सुखा दिया था। बाड़मेर एसपी नरेंद्रसिंह मीना ने प्रेस वार्ता कर इस मामले का खुलासा किया है। गिरफ्तार भैराराम से पूछताछ में सामने आया कि उसके मकान पर दवाई बनाने का कह कर मोटाराम पुत्र वीरमाराम निवासी केरली नाडी व दिनेश गिरी पुत्र अचलगिरी स्वामी निवासी रावतसर व एक अन्य ने मिलकर उसके घर पर फैक्ट्री लगाई थी। मोटाराम व दिनेश गिरी दोनों वांटेड है। दिनेश गिरी के खिलाफ भी 4 मामले है। दोनों लंबे समय से शराब, डोडा पोस्त सहित अन्य मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त है। दोनों तस्करों ने मुंबई से नशीला पदार्थ बनाने की सामग्री मंगवाई थी। जब डीएसटी टीम ने दबिश दी तो दोनों आरोपी खुद के घर पर थे। पुलिस की गाड़ियों को भैराराम के घर की तरफ जाते देख फरार हो गए। भैराराम और मोटाराम के घर के बीच की दूरी 300 मीटर है।