प्रदेश के शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के परीक्षा कार्यक्रम में अचानक महत्वपूर्ण बदलाव कर दिया है। विभाग ने शिविरा पंचांग (कैलेंडर) में घोषित आदेशों से पहले ही परीक्षाएं करवाने का निर्णय लिया है। मकसद नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से शुरू करना है।
नए आदेशों के अनुसार, कक्षा 5 और 8 की वार्षिक परीक्षाएं अब अप्रैल के बजाय 12 मार्च से पहले ही संपन्न करवा ली जाएंगी। इसी तर्ज पर 9वीं, 11वीं और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं भी पूर्व निर्धारित समय से लगभग एक महीने पहले समाप्त हो जाएंगी। विभाग ने भले ही सत्र को निजी स्कूलों के बराबर लाने के लिए यह कदम उठाया हो, लेकिन यह बदलाव शिक्षकों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। वजह ये कि शिविरा कैलेंडर जुलाई में जारी हुआ था, जिसके अनुसार शिक्षकों की कार्य योजनाएं बनाई गई थीं। अब आधा सत्र बीतने के बाद किए गए इस बदलाव से हड़कंप है। दरअसल, सत्र के दौरान शिक्षकों की विभिन्न कार्यों में ड्यूटी लगी रही। बीएलओ कार्य, खेल प्रतियोगिताएं, ग्रामीण सेवा शिविर, पौधरोपण और अतिवृष्टि के कारण हुए अवकाश ने बच्चों के कोर्स को पूरा नहीं होने दिया। ऐसे में अब कम समय में नए टाइम टेबल के आधार पर कोर्स पूरा कर परीक्षाएं करवाना विभाग और शिक्षकों के लिए एक बड़ी चुनौती है। कैलेंडर एडवांस, पर पढ़ाने में पिछड़ रहे, ये 2 बड़े कारण शिक्षकों की कमी : जिले में स्वीकृत 21174 पदों के मुकाबले 15690 शिक्षक हैं। यानी प्रथम से लेकर तृतीय श्रेणी तक के 5484 पद खाली हैं। इसी प्रकार प्रदेश में हर वर्ग के 4.10 लाख स्वीकृत पदों पर 1ž.19 लाख पद रिक्त हैं और 2 लाख 91 हजार 885 कार्यरत हैं। जर्जर भवन : जिले में ऐसे कई स्कूलों को दूसरी जगह चलाया गया। एक साथ कक्षाएं लगाने से परेशानी हो रही है। जिले में करीब 480 स्कूल पूरी तरह जर्जर सामने आए थे। इन स्कूलों को दूसरी जगह पर शिफ्ट किया गया था। सालभर जूझते हैं शिक्षक, अधूरे कोर्स के बीच परीक्षाएं चुनौती : शिक्षक संघ
भौतिक व मानवीय संसाधनों से शिक्षक वर्षभर जूझते रहे। अब एडवांस परीक्षाएं करवाना बड़ी समस्या है। कोर्स अधूरे हैं और कई स्कूल मूल जगह नहीं चल रहे। इतना होने के बाद भी जातिगत जनगणना में सहायक बीएलओ शिक्षकों को बनाया जा रहा है। इसके प्रशिक्षण शुरू हो चुके हैं।
-शेरसिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष, माध्यमिक शिक्षक संघ डीईओ बोले-समस्या हो सकती है, लेकिन बदलाव से बच्चों के सामने विकल्प खुलेंगे
हां इस बार अप्रैल से सत्र शुरू करना है, इसलिए मार्च के अंतिम सप्ताह तक सभी रिजल्ट देने हैं। इस बदलाव से थोड़ी समस्या आ सकती है, लेकिन छोटे बच्चों के सामने प्राइवेट और सरकारी दोनों स्कूलों के प्रवेश के विकल्प खुल जाएंगे। प्राइवेट स्कूल सत्र पहले शुरू करते हैं, इसका उन्हें फायदा मिल जाता है।
-लोकेश भारती, जिला शिक्षा अधिकारी-माध्यमिक, उदयपुर
