जोधपुर की लूणी थाना पुलिस ने अवैध बजरी खनन और उससे जुड़े आपराधिक सिंडिकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बुधवार देर रात 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया और दो बाल अपचारियों को निरुद्ध किया। दोनों गुटों के लोग बजरी खनन को लेकर रंजिश पाले हुए थे। कार्रवाई जोधपुर पुलिस आयुक्त ओमप्रकाश, डीसीपी पश्चिम विनीत कुमार बंसल, एसीपी बोरानाडा आनंद सिंह राजपुरोहित के निर्देशन में लूणी थानाधिकारी डॉ. हनवंतसिंह की अगुवाई में की गई। बजरी भरने को लेकर था विवाद पुलिस के अनुसार, राजेन्द्रसिंह उर्फ राजुसिंह निवासी भाडु, थाना बोरानाडा और शैतानसिंह टेकरा निवासी टेकरा, थाना बाप दोनों कुख्यात हिस्ट्रीशीटर हैं। इनके खिलाफ क्रमशः 18 और 12 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। दोनों की साझेदारी में धुंधाड़ा गांव, लूणी नदी क्षेत्र में दुर्गा टिम्बर नाम से बजरी लीज चल रही थी। दोनों पक्षों में जीएसटी भरने और अवैध बजरी निकासी के पैसों को लेकर विवाद बढ़ गया। हालात इतने बिगड़े कि दोनों पक्षों ने अपने-अपने गुर्गे बुलाकर एक-दूसरे को खत्म करने की धमकियां देनी शुरू कर दीं। पुलिस को सूचना मिली कि दोनों पक्ष अप्रिय घटना को अंजाम देने की तैयारी में हैं, जिसके बाद फौरन कार्रवाई की गई। दोनों आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी 126, 135 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई कर कार्यपालक मजिस्ट्रेट कार्यालय जोधपुर में पाबंद किया गया था। 15 दिसंबर को भी हुआ था विवाद गौरतलब है कि 15 दिसंबर को भी पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच उठे तनातनी को शांत करवाया था, लेकिन यह विवाद धीरे-धीरे गैंगवार का रूप लेता जा रहा था। राजेन्द्रसिंह और शैतानसिंह ने अपने अपने साथ बाहरी जिलों से आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को जोड़कर एक संगठित अपराध सिंडिकेट बना लिया था, जो बजरी खनन में दखल देने वालों को डराकर हटाता और भारी रकम वसूलता था। थानाधिकारी हनवंतसिंह ने बताया कि मौके पर मौजूद दोनों पक्षों के लोग हथियारों से लैस थे और एक-दूसरे को जान से मारने की धमकी दे रहे थे। पुलिस ने घेराबंदी कर सभी आरोपियों को पकड़ लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपी विशाल पुत्र मेघदान, निवासी लूणावास, झंवर, नारायणसिंह पुत्र गेनसिंह, निवासी बालोतरा, संदीप सिंह पुत्र समुंदरसिंह, निवासी नागौर, पूरणसिंह पुत्र भवानीसिंह, निवासी सीकर, ओमसिंह पुत्र थानसिंह, निवासी डीडवाना, जितेंद्रसिंह पुत्र पुरागसिंह, निवासी शेरगढ़, चुनाराम पुत्र झुझाराम, निवासी बाड़मेर, ढगलाराम पुत्र मांगीलाल, निवासी जालोर, पारस पुत्र रतनाराम, निवासी धुंधाड़ा, भलाराम पुत्र बाबूलाल, निवासी केरू, सुरेंद्रसिंह पुत्र पर्वतसिंह, निवासी पिपरली, पिंटू पुत्र लालूराम, निवासी उदयपुर, लोकेन्द्रसिंह पुत्र चन्द्रपालसिंह, निवासी सिणली, किशनलाल पुत्र चौखाराम, निवासी बाड़मेर, इसके अलावा दो बाल अपचारियों को भी डिटेन किया गया है। पुलिस ने बताया कि राजुसिंह, शैतानसिंह और मेहबूब खां जैसे हिस्ट्रीशीटर अपराधियों के गिरोह से लोग रिपोर्ट देने से डरते हैं। इन आरोपियों का बजरी, मारपीट, अवैध वसूली और धमकी जैसे मामलों में लंबा आपराधिक इतिहास है। डीसीपी विनीत कुमार बंसल ने कहा कि लूणी क्षेत्र में अवैध बजरी से जुड़ी आपराधिक गतिविधियों में शामिल सभी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
