अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। कुलदीप बिश्नोई के करीबी नलवा से भाजपा MLA रणधीर पनिहार के राजस्थान जाने पर विवाद खड़ा हो गया। कुलदीप बिश्नोई के साथ 11 दिसंबर को जोधपुर गए पनिहार का स्वागत कुलदीप बिश्नोई की तरह ही किया गया। पनिहार को कुलदीप बिश्नोई की तरह जोधपुर एयरपोर्ट पर माला पहनाई गई, समाज का साफा पहनाया गया और पुष्प वर्षा की गई। इससे अब बिश्नोई संत नाराज हो गए हैं। बिश्नोई समाज के बड़े संतों में से एक संत लालदास योग गुरु ने वीडियो मैसेज जारी कर रणधीर पनिहार का स्वागत करने पर सवाल खड़े किए हैं। लालदास महाराज ने कहा कि यह समाज का दुश्मन है। इसको सबक सिखाना चाहिए था, क्योंकि इसने अखिल भारती बिश्नोई महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बूड़िया का अपमान किया था। करीब 5 मिनट के इस वीडियो में लालदास महाराज ने अपनी पीड़ा समाज के सामने रखी। सबसे पहले जानिए बिश्नोई समाज के संत ने क्या कहा… अब जानते हैं देवेंद्र बूड़िया और पनिहार के बीच क्या हुई थी घटना… पनिहार ने कहा था- बूड़िया मेरे दोस्त
अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बूड़िया के आरोपों पर विधायक रणधीर पनिहार ने कहा था जिस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं, ऐसी कोई बात नहीं है। मनगढ़ंत आरोपों का मैं क्या जवाब दूं। हां, मेरी किसी से कोई बात नहीं हुई। बूड़िया साहब आज भी मेरे अच्छे दोस्त हैं और उनसे मेरी अकसर मुलाकात होती रहती है। सोशल मीडिया पर उन्होंने ऐसा क्यों बोला मुझे इसकी जानकारी नहीं है। कुलदीप बिश्नोई ने दिलवाया रणधीर पनिहार को टिकट
रणधीर पनिहार पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई के दोस्त हैं। कुलदीप बिश्नोई ने ही लॉबिंग कर रणधीर पनिहार को भाजपा का टिकट दिलवाया था। इतना ही नहीं, रणधीर के लिए प्रचार भी किया। इस विधानसभा चुनाव में रणधीर पनिहार की जीत हुई, लेकिन आदमपुर से कुलदीप बिश्नोई के बेटे भव्य बिश्नोई अपनी पैतृक सीट हार गए। इसके अलावा, कुलदीप बिश्नोई के भाई दुड़ाराम बिश्नोई भी फतेहाबाद से चुनाव हार गए। हालांकि, रणधीर पनिहार कह चुके हैं वह कुलदीप बिश्नोई के लिए विधायक पद भी छोड़ने के लिए तैयार हैं। वह चाहें तो उनके बेटे को मेरी जगह पर चुनाव लड़वा सकते हैं।
