राजस्थान रोडवेज के कर्मचारियों की दबंगई एक बार फिर सामने आई है। लोहागढ़ डिपो के एक कंडक्टर ने बस में सवार एक यात्री को बदसलूकी के बाद जमकर पीटा। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि इस पूरी घटना के दौरान बस ड्राइवर ने न तो बस रोकी और न ही मारपीट को रोकने की कोशिश की। इस दौरान कंडक्टर यात्री से गाली-गलौज करते रहे। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह घटना गुरुवार को भरतपुर से दिल्ली जा रही लोहागढ़ डिपो की बस संख्या आरजे-05-पीए-7169 की है। जानकारी के अनुसार भरतपुर से एक यात्री ने मथुरा के लिए सवार हुआ। उसने कंडक्टर नरेंद्र फौजदार को 500 रुपए दिए जबकि टिकट 64 रुपए का था। कंडक्टर ने टिकट के पीछे बाकी के 436 रुपए लिख दिए। बस के मथुरा के नहरौली पुल पर पहुंचते ही यात्री ने बाकी के रुपए मांगे। कंडक्टर ने खुले पैसे नहीं होने की बात कहीं। इस पर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चलती बस में विवाद बढ़ता देख ड्राइवर विजय राम ने अचानक ब्रेक लगा दिए। इससे यात्री असंतुलित होकर बस के केबिन का कांच तोड़ते हुए इंजन के ऊपर जा गिरा। इसके बाद कंडक्टर ने यात्री को इंजन के ऊपर ही जमकर पीटा। आरोपी कंडक्टर करीब 10 मिनट तक यात्री को पीटता रहा। मामले में लोहागढ़ आगार के मुख्य प्रबंधक राकेश कुमार सैनी का कहना है कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया है। मेरे पास कोई शिकायत नहीं आई है। भास्कर इनसाइट – वीडियो वायरल, मुख्यालय ने तलब की रिपोर्ट ड्यूटी चार्ज में छेड़छाड़ का आरोप, कंडक्टर को बचाने पर उठे सवाल… रोडवेज कर्मचारियों और यूनियन नेताओं ने मुख्य प्रबंधक राकेश सैनी की भूमिका पर सवालिया निशान लगाए हैं। आरोप है कि मामले के सामने आते ही जहां ड्राइवर विजयराम को तत्काल कार्रवाई करते हुए रूट ऑफ कर दिया गया, वहीं कंडक्टर नरेंद्र फौजदार को केवल छुट्टी पर भेजकर बचाने की कोशिश की गई। 13 दिसंबर के ड्यूटी चार्ज में कंडक्टर नरेंद्र फौजदार का अवकाश दर्ज किया गया था। इसके बाद 14 दिसंबर के ड्यूटी चार्ज में भी उसे अवकाश पर दर्शाया गया। वहीं लोहागढ़ आगार में वीडियो वायरल होने का सिलसिला बढ़ता ही जा रहा है।
