प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जिले के 12 ब्लॉकों में कुल 261 नई सड़कों का जाल बिछाया जाएगा। इस परियोजना पर 523 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी। इस प्रोजेक्ट से न सिर्फ ग्रामीण क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी, बल्कि उन लाखों ग्रामीणों को भी स्थायी राहत मिलेगी जो सालों से क्षतिग्रस्त और खस्ताहाल सड़कों के कारण आवागमन में भारी परेशानी झेल रहे हैं। योजना के तहत कुल 748 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इन नई सड़कों के बनने से न सिर्फ किसानों और छोटे व्यापारियों को फायदा होगा, बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक ग्रामीणों की पहुंच भी बेहतर और तेज हो सकेगी। 6 माह में शुरू होगा काम, 748 किमी. का है लक्ष्य सार्वजनिक निर्माण विभाग के अनुसार इस पूरे प्रोजेक्ट को चरणबद्ध तरीके से क्रियान्वित किया जाएगा। पहले चरण में 12 ब्लॉकों की उन सड़कों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो प्रमुख बाजारों, स्वास्थ्य केंद्रों या शैक्षणिक संस्थानों को जोड़ती है, लेकिन लंबे समय से खराब पड़ी है। ​अधिकारियों ने बताया कि डीपीआर लगभग तैयार है और निविदा प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। लक्ष्य यह रखा गया है कि अगले छह महीनों के भीतर फील्ड पर निर्माण कार्य शुरू हो जाए। 748 किमी. की नई सड़कें बनने से न केवल ग्रामीणों का समय बचेगा, बल्कि दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। ​नई सड़कों से बेहतर होगा परिवहन ग्रामीण क्षेत्रों में नई सड़क बनने से किसानों के लिए अपनी उपज को कम समय और कम लागत में मंडी तक पहुंचाना आसान होगा, जिससे फसल खराब होने का जोखिम कम होगा। इसके साथ ही गंभीर मरीजों को समय पर जिला अस्पताल या ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाना संभव होगा, जिससे चिकित्सा सेवाएं सुलभ होगी। स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्रों का सफर आरामदायक होगा। ​यह पूरा प्रोजेक्ट 12 ब्लॉकों की तस्वीर बदलेगा। “प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 523 करोड़ रुपए की लागत से 748 किमी. की 261 सड़कों का निर्माण किया जाएगा। यह परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों को सीधे लाभ पहुंचाएगी। किसानों को मंडियों तक पहुंचने में आसानी होगी और युवाओं को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। गुणवत्ता और समय सीमा दोनों का ध्यान रखते हुए जल्द ही ग्रामीण क्षेत्रों को सड़क सुविधा से जोड़ा जाएगा।” – सूराराम चौधरी, एसई, पीडब्ल्यूडी, बाड़मेर