जयपुर ऑ खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले मिलावटखोर बैखोफ होकर मिलावट करने से बाज नहीं आ रहे है। अब तो आमजन की ही नहीं बल्कि दिन-रात सेवा देने वालों की सेहत बिगड़ने लगी है। पुलिस मुख्यालय के दस अधिकारी एवं स्टाफ की गुरुवार को गाजर का हलवा और समोसा खाने के बाद जी मिचलाना, पेट दर्द, उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। इनमें से छह को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी। और शुक्रवार को तीन सब इंस्पेक्टर (एसआई)और एक असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (एएसआई) का टोंक रोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज जारी है। डॉक्टर के अनुसार चारों की हालत स्थिर है। लेकिन अब सवाल उठता है कि बिना जांच के पुलिस मुख्यालय में गाजर का हलवा और अन्य साम्रगी कैसे पहुंची। इधर, सूचना मिलने के साथ ही सीएमएचओ जयपुर प्रथम डॉ.रवि शेखावत के निर्देशन में टीम को अस्पताल में भेजा। पूरी जानकारी के बाद एफएसओ शंकर मिष्ठान भंडार पर छापेमार कार्रवाई की। मौके पर गाजर के हलवे और दो अन्य खाद्य साम्रगी के सैंपल लिया। टोंक रोड़ स्थित सोढ़ानी स्वीटस के यहां से भी समोसे का भी नमूना लिया। टीम में विनोद कुमार चोटवानी, नरेश कुमार चेजारा, वीरेन्द्र कुमार सिंह, नरेन्द्र शर्मा, पवन गुप्ता उपस्थित रहें। एक्सपर्ट; एसएमएस अस्पताल के मेडिसिन के डॉ.पुनीत सक्सेना का कहना है कि किसी भी खाद्य पदार्थ दूषित है या बासी होने पर शरीर की सेहत बिगाड़ सकता है। दूषित में बैक्टीरिया एवं टॉक्सिन पनप जाते है। और खाते ही शरीर में कुछ घंटों में फूड पॉइजनिंग हो सकता है। जिसके कारण पेट दर्द, उल्टी, जी-मिचलाना जैसी शिकायत हो सकती है। ऐसे में आमजन से दूषित खाद्य पदार्थ और बिना ढ़का होने पर नहीं खाने की अपील की है। प्रथम दृष्टया फूड पॉइजनिंग का मामला” शुक्रवार सुबह सूचना मिलते ही टीम को निजी अस्पताल में भर्ती मरीजों से मामले की पूरी जानकारी ली। तबीयत बिगड़ने के कारणों का पता कर टोंक रोड़ स्थित शकंर मिष्ठान भंडार से तीन एवं सोढ़ानी स्वीटस के यहां से एक नमूना लेकर लैब में जांच के लिए भेजा गया है। प्रथम दृष्टया फूड पॉइजनिंग का मामला है।” -डॉ. रवि शेखावत, सीएमएचओ जयपुर प्रथम
