राजस्थान विश्वविद्यालय में शीतकालीन अवकाश में परीक्षाओं के आयोजन का विरोध शुरू हो गया है। एक तरफ कॉलेज आयुक्तालय ने 25 से 31 दिसंबर तक शीतकालीन अवकाश घोषित किया है। दूसरी तरफ इस अवधि में आरयू की कई सेमेस्टर परीक्षाएं हैं, जो इस अवधि में आयोजित होंगी। परीक्षाओं के कारण शिक्षकों को आरयू में आना होगा। इससे उनके शीतकालीन अवकाश का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। इसको देखते हुए शिक्षकों ने शीतकालीन अवकाश में परीक्षाओं के आयोजन का विरोध शुरू कर दिया है। उन्होंने परीक्षाओं के टाइम टेबल में संशोधन करने की मांग उठाई है। विश्वविद्यालय के परीक्षा टाइम टेबल के अनुसार बेचलर प्रोग्राम आर्ट, साइंस व कॉमर्स की सेमेस्टर प्रथम की परीक्षाएं 17 दिसंबर से 6 जनवरी तक होगी। इसमें शीतकालीन अवकाश में 26, 29, 30 और 31 दिसंबर को भी परीक्षाएं होनी है। इस अवधि में शिक्षक परीक्षाएं नहीं चाहते हैं। राजस्थान विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक संघ (रुक्टा) ने अवकाश में परीक्षाओं के विरोध में उच्च शिक्षामंत्री को पत्र लिखा है। रुक्टा के महामंत्री डॉ. बनय सिंह ने बताया कि कॉलेज शिक्षा विभाग द्वारा जारी शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार निर्धारित शीतकालीन अवकाश में विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षाएं आयोजित करना राज्य सरकार के आदेशों की अवहेलना है। स्कूलों में भी इस अवधि में परीक्षाएं नहीं होती है। अगर आरयू में परीक्षाएं होंगी तो वीक्षकों की कमी भी रहेगी, क्योंकि शिक्षक शीतकालीन अवकाश में बाहर चले जाएंगे। अगर उनको बुलाया जाता है तो उनके लिए अवकाश का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। शीतकालीन अवकाश में कार्य के एवज में उपार्जित अवकाश मिलने में भी परेशानी होती है। इसलिए विश्वविद्यालय द्वारा जारी परीक्षा समय-सारिणी पर पुनर्विचार कर शीतकालीन अवकाश से पहले या बाद में ही परीक्षाएं आयोजित की जाएं।