पीपाड़ के साथीन गांव में गुरुवार सुबह एक खौफनाक वारदात सामने आई, जहां सीआईएसएफ दिल्ली में तैनात हेड कांस्टेबल प्रकाश चौधरी ने अपने पिता रामपाल पिचकिया की गैंती से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी। इस अचानक हुए हमले में पिता की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के दौरान बचाव में आए पड़ोसियों बलदेवराम नाथावत और कान सिंह भी गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार प्रकाश गुरुवार सुबह करीब 6 बजे दिल्ली से छुट्टी पर गांव पहुंचा। बताया जा रहा है कि पारिवारिक जमीन को लेकर चल रहा पुराना विवाद इस तनाव की बड़ी वजह था। जैसे ही वह घर पहुंचा, विवाद ने उग्र रूप ले लिया। ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी की ढाणी में मकान निर्माण का कार्य चल रहा था, पास ही गैंती पड़ी थी। अचानक प्रकाश ने गैंती उठाई और पिता रामपाल के सिर पर लगातार कई वार किए। वार इतने जोरदार थे कि रामपाल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के दौरान चीखें सुनकर पड़ोसी बचाव के लिए आए कृषक कान सिंह पर भी आरोपी ने गैंती के वार किया, जिससे उनका पैर फैक्चर हो गया। वहीं बलदेवराम नाथावत के सिर पर डंडे के किए गए पलटवार से गहरी चोट आई उन्हें चार टांके लगे। पड़ोसियों के मुताबिक प्रकाश पूरी तरह उग्र था और किसी की सुन नहीं रहा था। गांव वालों ने उसे पीछा कर काबू में लिया और रस्सी से बांध दिया। जवान हत्या के बाद भी बेफिक्र था और बार-बार कह रहा था मार दिया तो मार दिया। अजमेर: प्लॉट के लिए दो पक्ष भिडे़; वाहनों में तोड़फोड़, पथराव से दहशत अजमेर| रामगंज थाना क्षेत्र के गुर्जरवास में गुरुवार दोपहर जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। 120 गज के प्लॉट को लेकर हुए विवाद में एक पक्ष के 30 से 40 लोगों ने पत्थर, लाठी और बोतलों से दूसरे पक्ष के घर पर धावा बोल दिया। अचानक हुए हमले में महिलाएं और बच्चे घायल हो गए। वाहनों में भी जमकर तोड़फोड़ की गई। इससे कॉलोनी में दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो हमलावर भाग गए। पुलिस ने हमलावर पक्ष के 4 लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार सुबह 9 बजे अजय नगर चौराहे पर विष्णु गुर्जर और महेश गुर्जर के बीच प्लॉट को लेकर कहासुनी हुई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को समझाइश कर मामला शांत कराया। तब दोनों पक्षों ने आपस में बैठकर मामला सुलझाने की बात कही थी। समझौता वार्ता हुई, लेकिन यहीं पर दोनों में फिर से विवाद हो गया। दोनों पक्षों ने थाने में शिकायत भी दर्ज करवाई थी, विष्णु गुर्जर का आरोप है कि महेश गुर्जर ने मारपीट की। पुलिस फिर गई ओर समझाइश करके लौट आई। लेकिन दोपहर करीब 1:30 बजे मामला फिर भड़क गया। विष्णु गुर्जर अपने 30–40 लोगों के साथ महेश गुर्जर के घर पहुंचा और पत्थर और कांच की बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं। तीन कारों और एक बाइक के कांच तोड़ दिए, वहीं घर में भी जबरदस्त तोड़फोड़ की। अचानक हुए हमले में महिलाएं और बच्चे घायल हो गए।